अपकमिंग प्रोजेक्ट: ‘शमशेरा’ में 18वीं सदी की ब्रितानी हुकूमत का बस बैकड्रॉप है, मूल रूप से बदला लेता नजर आएगा रणबीर कपूर का किरदार

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मुंबईएक घंटा पहलेलेखक: अमित कर्ण

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अक्‍सर रोमांटिक कॉमेडी करने वाले रणबीर कपूर ने अब अपने कदम एक्‍शन फिल्‍मों की ओर मोड़ दिए हैं। आगे आने वाली उनकी तीन फिल्‍में ऐसी हैं, जो एक्‍शन जॉनर की हैं। वह ‘शमशेरा’, ‘एनिमल’ और ‘ब्रह्मास्‍त्र’ हैं। ‘शमशेरा’की शूटिंग पूरी हो चुकी है। वह बनकर रेडी है। ‘ब्रह्मास्‍त्र’ पोस्‍ट प्रॉडक्‍शन स्‍टेज में बताया जा रहा है, जबकि ‘एनिमल’ की शूटिंग जल्‍द शुरू होने को है। ‘शमशेरा’ से जुड़े ट्रेड सूत्रों ने यह स्‍पष्‍ट किया है कि फिल्म में ब्रितानी हुकूमत का बस बैकड्रॉप है। बुनियादी तौर पर यह एक रिवेंज ड्रामा है। जैसा इसी के डायरेक्‍टर करण मल्‍होत्रा की पूर्व में ‘अग्‍न‍िपथ’ आई थी। वहां अपने पिता की मौत का बदला ऋतिक रोशन कांचा चीना यानी संजय दत्‍त से लेता है। करण से पहले विधु विनोद चोपड़ा की फिल्‍म ‘1942: ए लव स्‍टोरी’ और ‘शिकारा’ में भी ऐसा ही देखने को मिला था। ‘1942: ए लव स्‍टोरी’ अंग्रेजी हुकूमत का बैकड्रॉप था, मगर मूल रूप से वह अनिल कपूर और मनीषा कोईराला की लव स्‍टोरी थी। ठीक ऐसे ही, शिकारा में कश्‍मीरी पंडितों के पलायन की पृष्‍ठभूमि में वहां के युवा की प्रेम कहानी बयान की गई थी।

रिवेंज ड्रामा है फिल्म
‘शमशेरा’ में भी संजय दत्‍त हैं। यहां रणबीर कपूर का किरदार संजय दत्‍त से अपनों की मौत का बदला लेता है। संजय दत्‍त इसमें ब्रितानी हुकूमत के यानी अंग्रेजों के जमाने के जेलर के रोल में हैं। वह रणबीर यानी शमशेरा के परिवार के साथ बुरा करता है। उसका बदला शमशेरा लेता है। इस रिवेंज ड्रामा को लार्जर देन लाइफ करने के लिए कहानी को 18वीं सदी की अंग्रेजों की हुकूमत के दौर में सेट किया गया है। रणबीर की जंग संजय दत्‍त के साथ साथ ब्रितानी सिपाहियों और फौजों से भी है।

संजय दत्‍त और रोनित रॉय भी हैं शमशेरा में
फिल्‍म से जुड़े सूत्रों ने बताया, इसमें एक्‍शन के फ्लेवर और तेवर वैसे ही हैं, जैसे क्‍वीन्‍टीन टैरेनटीनो की पीरियड फिल्‍मों में रहता है। यहां संजय दत्‍त के अंग्रेजों के जमाने के जेलर वाले किरदार और बागी व फ्रीडम फाइटर रणबीर कपूर यानी शमशेरा के क्‍लैश को बिग स्‍क्रीन एक्‍सपीरिएंस के हिसाब से डिजाइन किया गया है। रणबीर ने उस लिहाज से तलवार बाजी और फायर बॉल से एक्‍शन तो किया है ही, घोड़े पे सवार होकर भी उन्‍होंने इसमें जंग लड़ी है। रोनित रॉय का किरदार भी शमशेरा की कैंप से है।

मेकर्स को सिनेमाघर खुलने का है इंतजार
फाइट सीक्‍वेंस ज्‍यादतार फिल्‍मसिटी में फिल्‍माए गए हैं। कुछ सीक्‍वेंस के लिए क्रू आउटडोर के लिए लद्दाख गया, वहां 21 दिनों तक एक्‍शन सीक्‍वेंस फिल्‍माए गए। दिलचस्‍प बात यह रही कि मेकर्स ने रणबीर कपूर से सिक्‍स या ऐट पैक एब्‍स नहीं बनवाए। उनके डोले शोले को बल्‍की(भारी) नहीं किया गया। वह इसलि‍ए भी कि, उन्‍हें गिरोह का सरदार दिखाया गया है। वह छुपे रुस्‍तम की तरह फिजिकल फाइट से ज्यादा दिमागी एक्‍शन से भी दुश्‍मनों को ढेर करता है। यह फिल्‍म बनकर तैयार है, मगर मेकर्स को सिनेमाघर खुलने का इंतजार है। वो नहीं चाहते कि इसे ओटीटी पर बेच ऑडिएंस की सिनेमा देखने की आदत बिगाड़ी जाए।

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