इसलिए अचानक लाइमलाइट से गायब हो गए थे हनी सिंह, 18 महीने दर्द सहने पर हो गई थी ऐसी हालत, जानिए कितनी खतरनाक है ये बीमारी

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गर्दिश में सितारे/भूपेंद्र राय- कुछ समय पहले हम लोगों के बीच एक पॉप सिंगर आया और इतना फेमस हो गया कि यूथ की जुबां पर अक्सर उसी के गाने छाने लगे, लेकिन फिर एक दिन अचानक वो गायब हो गया और उनके फैंस को उनकी कोई खबर नहीं थी. जी हां, हम बात कर रहे हैं यो यो हनी सिंह की. हनी सिंह एक ऐसा नाम है, जिसने अपने फैंस को देसी और अंग्रेजी दोनों गानों पर खूब नचाया. उनके गाए गाने और रैप के फैंस इतने दीवाने हो गए कि वो भी गाते हिट हो जाता था, लेकिन फिर साल 2014 में अचानक हनी सिंह गायब हो गए. वजह थी एक बीमारी…बीमारी भी ऐसी, जो इंसान को अंदर से तोड़ दे…

जरा सोचिए जब कोई व्यक्ति एक ही समय में खुश हो और उसी समय आत्महत्या करने को उतारू हो जाए. क्या आपने इस बीमारी के बारे में सुना है?  यही वो मानसिक बीमारी है, जिसने हनी सिंह को अपनी जद में ले लिया था. जिसका नाम है बाइपोलर डिस्‍आर्डर कहते हैं, हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह बीमारी किसी लाइलाज रोग से कम नहीं है. इसमें रोगी का माइंड लगातार बदलता रहता है. जानिए बाइपोलर डिस्‍आर्डर क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है….

बाइपोलर डिस्‍आर्डर को लेकर हमने क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और मेंटल वेलनेस स्पीकर डॉ विकास खन्ना से खास बातचीत की है नीचे जानिए…

क्या है बायपोलर डिसऑर्डर ?
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर विकास खन्ना कहते हैं कि बायपोलर डिसऑर्डर एक तरह की दिमागी बीमारी होती है, जो डिप्रेशन की ही तरह होती है. आमतौर पर यह बीमारी नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में पाई जाती है. इसमें इंसान या तो ज्यादा खुश महसूस करता है या फिर बहुत ज्यादा दुखी हो जाता है. हनी सिंह ने भी बताया था कि जब वो बायपोल से जूझ रहे तो यह सब बहुत डरावना था. हनी सिंह ने तो यहां तक कह दिया था कि ‘जहां मैं हजारों लोगों के सामने परफॉर्म करता था वहीं अब मुझे 4-5 लोगों के सामने आने से भी डर लगने लगा था. इस हालत में लाकर छोड़ देता है बायपोलर डिसऑर्डर.’

बाइपोलर डिसऑर्ड से पीड़ित इंसान को कैसा फील होता है?
डॉक्टर विकास खन्ना की मानें तो यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पीड़‍ित व्यक्ति के व्यवहार में तेजी से परिवर्तन आने लगता है. ऐसा व्‍यक्ति अचानक से तनाव में आ जाता है और उसका आत्‍मविश्‍वास एकदम से चरम पर हो जाता है, जबकि दूसरे ही पल में वह एकदम शांत हो जाता है. इस बीमारी में कई बार व्यक्ति चाहकर भी अपने व्यवहार पर नियंत्रण नहीं रख पाता. 

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण
बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों की बात करें तो छोटी-छोटी बातों में चिड़चिड़ा हो जाना भी इसका एक लक्षण है. बाइपोलर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को नींद की परेशानी रहती है. बहुत ज्यादा विचार में  रहने के कारण नींद नहीं आ पाती है और अनिंद्रा की परेशानी का शिकार रहता है. इससे पीड़ित व्यक्ति में पागलपन और डिप्रेशन दोनों ही एक साथ हो सकते हैं.  

क्या हो सकते हैं इस बीमारी के कारण ? 
डॉक्टर विकास खन्ना कहते हैं बाइपोलर डिसऑर्डर के बड़े कारणों में अनुवांशिक कारणों को शामिल किया जाता है, जबकि नशीले पदार्थों का बहुत ज्यादा सेवन करना भी इस परेशानी का कारण हो सकता है.  वे कहते हैं कि मस्तिष्क में होने वाले भौतिक बदलाव इसके लिए जिम्मेदार होते हैं. हालांकि अभी तक की रिसर्च में इन बदलावों की कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं है, इसलिए इसके कारणों की खोज जारी है. 

 बाइपोलर डिसऑर्डर से बचने के उपाय

1. बाइपोलर डिसऑर्डर का प्रमुख कारण तनाव है, इसलिए इससे बचने है तो तनाव कम से कम लें. डॉक्टर विकास खन्ना कहते हैं कि तनाव के स्‍तर को कम करने के लिए सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि तनाव का क्‍या कारण है. 

2.  बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्‍या से बचने के लिए नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचें, क्‍योंकि सिगरेट या शराब के सेवन से तनाव घटने की बजाय बढ़ता है और तनाव बाइपोलर डिसऑर्डर को बढाता है.

3. असंतुलित भोजन दिनचर्या आपके तनाव को बढ़ाती है. तनाव के ज्‍यादा बढ़ने से बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्‍या बनती है. इसलिए आप हेल्दी डाइट जरूर लें और रोजाना एक्सरसाइज करें, इससे तनाव कम होता है.

4. डॉक्टर विकास खन्ना कहते हैं कि आप अपने दिमाग को सकारात्मक रखें. नकारात्मक पहलुओं के बारे में न सोचें. अगर आपके साथ कुछ ऐसा हुआ है, जिसे सोचकर आप तनाव में आ जाते हैं तो बेहतर होगा कि आप जिंदगी के नकारात्मक पहलुओं से खुद को दूर रखें और उनके बारे में न सोचें.

18 महीने दर्द में रहे थे हनी सिंह
 बाईपोलर डिसऑर्डर से उबर चुके हनी सिंह ने एक इंस्टरव्यू में बताथा था कि ‘बाईपोलर डिसऑर्डर की वजह से वो 18 महीने तक दर्द में रहे थे. यह उनकी जिन्दगी का सबसे खराब वक्त था. इस दौरान वो पूरे समय नोएडा में अपने घर में रहे थे. उनके मुताबिक डॉक्टरों ने इस बीमारी से लड़ने में उनकी मदद बहुत मदद की. यही कारण रहा कि वो ठीक होकर वापस लौटने में कामयाब रहे. अब हनी सिंह बिलकुल ठीक हैं और अपनी गानों और फिल्मों पर ध्यान दे रहे हैं.

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यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.





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