कंगना रनौत के खिलाफ देशद्रोह की याचिका खारिज: देश की आजादी को लेकर दिए बयान पर लगाई थी याचिका

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धनबाद28 मिनट पहले

कंगना रनौत।

मशहूर फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को बड़ी राहत मिली है। धनबाद की अदालत ने अभिनेत्री के खिलाफ दायर देशद्रोह और भारत को नीचा दिखाने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। बुधवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सिद्धांत तिग्गा की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कंगना के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्‍त साक्ष्य नहीं मिले हैं। साल 2017 नवंबर को पांडरपाला में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता इजहार अहमद उर्फ बिहारी ने कंगना के विरुद्ध देशद्रोह और भारत को नीचा दिखाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था। याचिका पर विचार करने के दौरान अदालत ने इस मामले को खारिज कर दिया।

कोर्ट में कहा था- भारत विरोधी बयान से लगा था गहरा आघात
शिकायर्ता ने इजहार अहमद ने कोर्ट को बताया था कि 12 नवंबर 2021 को वह दोपहर करीब 12:00 बजे रणधीर वर्मा चौक के पास अखबार पढ़ रहा था। इसमें उसने कंगना रनौत द्वारा दिए गए भारत विरोधी बयान को पढ़ा। इससे उसे काफी आघात लगा। इजहार ने आरोप लगाया कि कंगना ने अपने बयान में कहा था कि ‘1947 में भारत देश को जो आजादी मिली थी, वह आजादी भीख से मिली थी। असली आजादी साल 2014 में मिली थी, जब देश में मोदी जी की सरकार बनी।

इजहार का कहना था कि ऐसा विवादित बयान देकर कंगना ने पूरे भारत देश को बदनाम किया है। उन्‍होंने दूसरे देशों में भारत का मजाक बनाया है और अपने देश को नीचा दिखाया है। दलील दी कि भारत की आजादी में कितने माताओं ने अपने बेटों को खोया है। कितनों ने बलिदान दिए हैं। सुखदेव, राजगुरु, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अब्दुल कलाम, रानी लक्ष्मीबाई ने भारत की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।

इजहार ने आरोप लगाया था कि भाजपा नेता वरुण गांधी ने भी कंगना के इस बयान की आलोचना की है , बावजूद इसके कंगना ने देशद्रोह का काम किया और भारत को बदनाम करने का दुस्साहस किया है। इजहार का कहना था कि टीवी चैनलों में भी प्रसारित हो रहे कंगना के बयान को देख कर उसे काफी आघात पहुंचा, जिसके बाद उसने 13 नवंबर 2021 को धनबाद थाने में कंगना के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रार्थना की थी, लेकिन धनबाद थाना की पुलिस ने इस संबंध में उसकी शिकायत नहीं सुनी। वहीं अब कोर्ट ने शिकायत को खारिज कर दिया है।

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