‘जयेशभाई जोरदार’: हाई कोर्ट ने मेकर्स को फिल्म जमा करने के दिए आदेश, मामले में अगली सुनवाई कल होगी

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3 मिनट पहले

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रणवीर सिंह की अपकमिंग फिल्म जयेशभाई जोरदार पर दायर याचिका पर आज दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में कोर्ट ने मेकर्स को पूरी फिल्म कोर्ट में जमा करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख कल यानी 10 मई तय की है।

दरअसल, फिल्म के ट्रेलर के एक सीन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में 4 मई को एक याचिका दायर की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण के लिए अल्ट्रासाउंड तकनीक के इस्तेमाल को ट्रेलर के एक सीन में गलत तरीके से दिखाया गया है। ‘यूथ अगेंस्ट क्राइम’ नाम के एक NGO ने फिल्म पर यह याचिका दायर की है।

कोर्ट ने क्या कहा
आज की सुनवाई में कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि फिल्म के ट्रेलर में प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण के लिए अल्ट्रासाउंड के प्रयोग को नहीं दिखाया गया है। ट्रेलर में जो दिखाया गया है, वैसा साधारण महिला भी प्रसव के पहले रूटीन चेकअप के लिए डॉक्टर के पास जाती है। इसके साथ ही कोर्ट ने पूरी फिल्म को अवलोकन के लिए जमा कराने के आदेश दिए हैं। वहीं कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई कल तक के लिए टाल दी है।

ट्रेलर अल्ट्रासाउंड तकनीक के उपयोग का विज्ञापन करता है
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ के समक्ष इस मामले (PIL) को रखा गया। वकील पवन प्रकाश पाठक द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि हालांकि फिल्म कन्या भ्रूण हत्या विषय पर आधारित है और ‘सेव गर्ल चाइल्ड’ पर जोर देती है। लेकिन, फिल्म के ट्रेलर में प्रसव पूर्व लिंग जांच का एक सीन दिखाया गया है।

इतना ही नहीं फिल्म का ट्रेलर अल्ट्रासाउंड तकनीक के उपयोग का विज्ञापन करता है, जो बिल्कुल भी सही नहीं हैं। गर्भधारण और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 के तहत यह गैरकानूनी है। उल्लेखनीय है कि यह एक ऐस अधिनियम है जो कन्या भ्रूण हत्या और भारत में गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए लागू किया गया था। इस अधिनियम के तहत प्रसव पूर्व लिंग जांच पर प्रतिबंध है।

प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण गैरकानूनी
अधिवक्ता पवन प्रकाश पाठक के माध्यम से दायर याचिका में गैर सरकारी संगठन ने आगे कहा, ” फिल्म के ट्रेलर का अल्ट्रासाउंड क्लीनिक सीन, जहां बिना सेंसर के लिंग निर्धारण के लिए अल्ट्रासाउंड की तकनीक का खुले तौर पर विज्ञापन किया जा रहा है। पीसी और पीएनडीटी अधिनियम की धारा 3, 3 ए, 3 बी, 4, 6 और 22 के अनुसार अल्ट्रासाउंड मशीनों, लैब, क्लीनिकों आदि ​के जरिए प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण गैरकानूनी और प्रतिबंधित है और इसलिए इस सीन को तत्काल हटा दिया जाना चाहिए।”

फिल्म के खिलाफ दायर इस याचिका के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या फिल्म की रिलीज डेट आगे टल सकती है? या फिर फिल्म के सीन पर कट लगाया जाएगा? हालांकि, अभी इस मामले को लेकर फिल्म के डायरेक्टर दिव्यांग ठक्कर की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

13 मई को रिलीज होगी ‘जयेशभाई जोरदार’
दिव्यांग ठक्कर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा शालिनी पांडे, बोमन ईरानी और ​​रत्ना पाठक शाह भी मुख्य भूमिका में हैं। दिव्यांग ने इस फिल्म की स्क्रिप्ट भी लिखी है। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म को मनीष शर्मा ने प्रोड्यूस किया है। ‘जयेशभाई जोरदार’ को 13 मई को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। कुछ दिनों पहले ही फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया था।

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