टेस्ट मैच जीतने के लिए 20 विकेट ही काफी नहीं, बल्लेबाजों से बड़े स्कोर की भी दरकार

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सालों से, अपने खेल के दिनों से ही मैंने लगातार क्रिकेट पंडितों, कोचों और खिलाड़ियों से एक लाइन सुनी है. वे हमेशा कहते हैं कि टेस्ट मैच जीतने के लिए सबसे जरूरी चीज है 20 विकेट लेना. यह सच भी है कि जिसको लेकर कोई भी बहस नहीं कर सकता, लेकिन यह पूरा सच नहीं है. टेस्ट जीतने के लिए आपको रनों की भी जरूरत होती है. पहली पारी में एक बड़ा स्कोर करना उतना ही जरूरी है. स्कोरबोर्ड का दबाव क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण पहलू है, इससे गेंदबाजों का काम भी आसान हो जाता है. पहली पारी में 400 से अधिक का टोटल स्कोर एक कप्तान को अपने प्लान के अनुसार अटैक करने का मौका देता है.

कोहली की वापसी से भारत को काफी मदद मिलेगी

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जोहानिसबर्ग में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के आखिरी पलों को देखें तो दक्षिण अफ्रीका के लक्ष्य के करीब पहुंचने और डीन एल्गर के सेट होने के बाद भारतीय टीम डिफेंसिव हो गई. यह कोई आलोचना नहीं है, दक्षिण अफ्रीका को ऐसा करना ही था, क्योंकि लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था और यही वजह है कि मुझे लगता है कि विराट कोहली की वापसी से भारत को काफी मदद मिलेगी.

कोहली चैंपियन बल्लेबाज और बेहतरीन लीडर

विराट कोहली एक चैंपियन बल्लेबाज और बेहतरीन लीडर हैं. मुझे लगता है कि टीम ने उन्हें दूसरे टेस्ट मैच में मिस किया था, खासकर कप्तान के तौर पर. वह गेंदबाजों के कप्तान हैं और आपको इस स्तर पर अच्छे प्रदर्शन करने की भी जरूरत है. जैसा कि मैंने हमेशा कहा है कि टेस्ट जीतने के लिए आपको गेंदबाजों से 20 विकेट चाहिए, लेकिन इससे पहले बल्लेबाजों को रन बनाने की भी जरूरत है. इसलिए केपटाउन में, मुझे उम्मीद है कि कोहली बल्लेबाजों और गेंदबाजों की मदद से दक्षिण अफ्रीका पर शिकंजा कस सकते हैं.

भारत को जीतना है तो कोहली को स्कोर करना होगा

बल्लेबाजी के नजरिए से मुझे लगता है कि कोहली को क्लासिकल टेस्ट मैच बल्लेबाजी मोड में आना चाहिए. विपक्षी टीम में बाएं हाथ के लंबे गेंदबाज हैं, इसलिए कोहली को ऑफ स्टंप की लाइन और लेंथ पर ढेर सारी गेंदें छोड़नी होंगी. कोहली पहले भी ऐसी स्थिति में रहे हैं, जहां गेंदबाज उनकी कमजोरियों की तलाश करते रहे हैं, लेकिन कोहली सुधार करके टॉप पर आ गए हैं. ठीक उसी तरह जैसे साल 2018 में भारत का इंग्लैंड दौरा जहां कोहली ने जेम्स एंडरसन का सामना किया था और उनकी गेंद पर आउट ही नहीं हुए. भारत को जीतना है तो कोहली को स्कोर करना होगा.

पुजारा को पहली गेंद हिट करनी चाहिए

चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे भी जोहानिसबर्ग में दूसरी पारी में अच्छी पारियां खेलकर आउट हुए थे. दोनों अपने शॉट सेलेक्शन और गेमप्लान से आश्वस्त दिखे. हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है कि अगर पुजारा जोहानिसबर्ग टेस्ट मैच की दूसरी पारी में अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं, तो वह इसे अधिक बार क्यों नहीं दोहरा सकते? क्या पुजारा की बल्लेबाजी में तकनीकी बदलाव है? फ्रंट फुट पर ज्यादा खेलने के अलावा, मुझे नहीं लगता कि पुजारा में ज्यादा बदलाव आया है. पुजारा को पहली गेंद हिट करनी चाहिए. सिर्फ इसलिए कि आप क्रीज पर नए हैं, खराब गेंद को रोकने का कोई मतलब नहीं है.

भारत की 2-1 से सीरीज जीत की उम्मीद

प्लेइंग इलेवन के बारे में कहना चाहूंगा कि हनुमा विहारी को कोहली के लिए जगह बनानी होगी. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन ऐसा ही होता है. दूसरी पारी में रहाणे के अर्धशतक के बाद हनुमा ने भी शानदार बल्लेबाजी की थी. अगर मोहम्मद सिराज अभी भी फिट नहीं हैं तो मैं इशांत शर्मा को प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह लेते देखना चाहता हूं. उन्हें विकेट से अच्छा उछाल मिलेगा. हमने दक्षिण अफ्रीका में कभी कोई सीरीज नहीं जीती है और इस इतिहास को बदलने का यह सबसे अच्छा मौका है. दक्षिण अफ्रीका मजबूत टीम नहीं है और भारत की योजनाएं अच्छी दिख रही हैं. मैं भारत की 2-1 से सीरीज जीत की उम्मीद कर रहा हूं. 

(डिस्क्लेमर: इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं)





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