पंचायत की कहानी पर जितेंद्र कुमार: बोले- फिल्मों ने गांवों कम दिखाया है, गांव की दिलचस्प चीजों को हम पंचायत के जरिए दिखाते हैं

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10 मिनट पहलेलेखक: अमित कर्ण

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पंचायत 2 में सचिव अभिषेक त्रिपाठी के किरदार ने IItian जितेंद्र कुमार को खासा पॉपुलर किया है। दो साल पहले उनकी आयुष्मान खुराना के साथ ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ भी आई थी। ‘पंचायत2’ को मिल रही तारीफों से जितेंद्र खासे अभिभूत हैं। वो बताते हैं, ‘इस सीजन को देख लोग इमोशनल भी हो रहें हैं। दर्शकों के लंबे लंबे लव लेटर्स आ रहे हैं। वो सीरीज को काफी अच्छे से डिस्क्राइब कर रहे हैं। इस बार वो सिर्फ पोस्टर नहीं शेयर कर रहे। बाकायदा शो के बारे में वो अच्छा लिख भी रहें हैं। सोशल मीडिया पर काफी रील्स भी बन रहें हैं। तो इस बार लोगों के काफी डिफरेंट रिएक्शन आ रहे हैं।’

शो के पहले सीजन में कहानी का ट्रीटमेंट हल्का फुल्का रखा गया। गांव के जीवन की कड़वी हकीकतों को कम दिखाया गया। इस सीजन में उसका आगाज हो चुका है। शो के अहम किरदार प्रह्लाद के युवा बेटे की शहादत सीजन में है। इस बारे में जितेंद्र कुमार बताते हैं, ‘दरअसल ज्यादातर फौजी गांवों से निकलते हैं। हमारी फिल्मों ने गांवों का वह पहलू कम दिखाया है। राइटर ने वह पर्सपेक्टिव भी दिखाया। कहानी गांव में सेट है तो उसका मतलब यह कतई नहीं है कि हल्की फुल्की कहानी दिखाई जाए। गांवों में जो कुछ भी होता है, वह हमें दिखाना है। सिर्फ यह कि कहानी गांव में सेट है तो कॉमेडी शो दिखाया जाए, वह हमारा मोटिव नहीं है। ’

पहले सीजन के आखिर में पंचायत सचिव और प्रधान जी की बेटी रिंकी की लव स्टोरी के आगाज को दिखाया गया था। दूसरे सीजन में दर्शक दोनों के रोमांस को एक्सपेक्ट कर रहे थे। उससे भी यहां महरूम रखा गया। उसकी वजह भी जितेंद्र जाहिर करते हैं, ‘हमारा शो गांव के पंचायत और डिफरेंट कैरेक्टर्स की कहानी है। अचानक से लव स्टोरी या रोमांटिक सॉन्ग इसमें घुसेड़ा नहीं जा सकता। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए अभिषेक और रिंकी की लव स्टोरी आपस में एक्सचेंज की गई है। रहा सवाल ज्यादातर किरदारों के सरनेम में शास्त्री, त्रिपाठी, शुक्ला, दुबे, पांडे इरादतन नहीं हैं। इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। ’

जितेंद्र मानते हैं कि इस सीरीज को अगर सिनेमाघरों में भी लाया जाता तो यह उतनी ही पॉपुलर होती, जितनी अब है। जितेंद्र के शब्दों में, ‘हमारी कहानी और किरदार इतने सुंदर और सच्चे हैं, जो यह किसी भी मीडियम में आते तो वहां मैजिक ही क्रिएट करते। लेकिन लोग अभी तो ओटीटी पर इंजॉय कर रहें हैं। यहां पूरे परिवार के साथ इसे देख रहें हैं। सब इसे अलग नजरिए से देख रहें हैं। तभी इसे बड़ी ऑडियंस मिल रही है।’

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