प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के फायदे की 4 स्किल्स: इंटरनल व एक्सटर्नल स्किल्स बढ़ाने पर रोज काम करें

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38 मिनट पहले

करियर फंडा में आपका स्वागत है! आज हम आपको अपनी प्रोफेशनल वैल्यू बढ़ाने का, और स्टूडेंट्स को अपनी फ्यूचर लाइफ बेहतर बनाने का, तरीका बताएंगे।

‘21वीं सदी के निरक्षर वे नहीं होंगे जो पढ़-लिख नहीं सकते, बल्कि वे होंगे जो नया सीख नहीं सकते और सीखी हुई चीजों को भूलकर फिर नई चीजें नहीं सीख सकते’

– एल्विन टॉफलर

जब फ्यूचरोलॉजिस्ट एल्विन टॉफलर ने ये बात 1990 के दशक में कही थी, वे देख पा रहे थे कि आने वाली दुनिया में प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के लिए डेली स्किल बिल्डिंग एटीट्यूड कितना बड़ा रोल प्ले करने वाली है।

जीवन का आधार – नए स्किल्स

आखिर लगातार नई स्किल्स सीखने की आवश्यकता क्यों है?

इसका जवाब है

1) यह आपके डेवलपमेंट का बेसिक पार्ट है

2) नई स्किल्स बाजार की रेगुलर डिमांड हैं

3) कॉम्पिटिटिव माहौल में बने रहने की शर्त है

4) अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाते रहने का जरिया है

5) अपने सेल्फ-कॉन्फिडेंस और सेल्फ-वर्थ बढ़ाने का फार्मूला है

कोरोना महामारी ने बड़ा सबक दिया

कोरोना वायरस संकट और उसके बाद अब रिमोट वर्किंग का ट्रेंड है। जो रिमोट वर्किंग पहले सिर्फ एक फैशन माना जाता था वो अब एक कंपल्सरी कंडीशन बन गया है। इसके लिए आपको बेसिक टेक्नोलॉजिकल उपकरणों (लैपटॉप, टेबलेट) का बेस्ट यूज करना आना ही चाहिए और साथ ही साथ डिसिप्लिन और सेल्फ-कंट्रोल के साथ डेली आउटपुट भी देना आना चाहिए। पहली एक्सटर्नल स्किल है (टेक्नोलॉजी का यूज करना) और दूसरी इंटरनल स्किल (सेल्फ-डिसिप्लिन आदि)।

आप प्रोफेशनल हों या स्टूडेंट, इन चार स्किल्स पर ध्यान दें, और टाइम इन्वेस्ट करें

1) प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स: इसमें एनालिटिकल थॉट प्रोसेस, लॉजिक, क्रिएटिविटी, इनोवेशन और काम्प्लेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग; सीखी हुई चीजों का वास्तविक जीवन में उपयोग करने की स्किल, प्रश्न पूछने की क्षमता, लीक से हटकर सोचना – ये ऐसी बातें हैं जो हमारे स्कूल या कॉलेज में दुर्भाग्यवश सिखाई नहीं जा रही हैं। आप इन स्किल्स को कॉन्शियसली ग्रो करें। बहुत फायदा होगा।

2) सेल्फ-मैनेजमेंट स्किल्स: अपनी स्ट्रेंथ्स को समझना और वीकनेस को धीरे-धीरे खत्म करते जाना जरूरी है। दूसरों को मैनेज करने से पहले अपने आप का मैनेजमेंट करना बहुत जरूरी है। ठोस बात करें तो (i) अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, कंप्यूटर विज्ञान की एक्टिव लर्निंग तथा सीखने में आत्मनिर्भरता, (ii) फ्लेक्सिबिलिटी, (iii) स्ट्रेस रेसेलिएन्स (तनाव से नहीं टूटना), (iv) क्रिएटिविटी और (v) इनोवेशन शामिल हैं।

3) लीडरशिप एंड सोशल स्किल्स: इसमें अपनी टीम से कनेक्ट बनाने की स्किल्स शामिल हैं। कम्युनिकेशन को बेटर करना – बोलना, सुनना, लिखना, समझदारी से चर्चा करना, विदेशी भाषा में दक्ष होना, बहुत यूजफुल हो सकता है। इंटर-पर्सनल स्किल्स, कल्चर, सोसायटी और एनवायरमेंट की समझ, क्रॉस-कल्चरल, क्रॉस-फंक्शनल और ट्रांस-डिसिप्लिनरी स्किल्स, इमोशनल इंटेलिजेंस (भावनात्मक बुद्धिमत्ता) भी इसी का हिस्सा हैं।

4) टेक्नोलॉजिकल स्किल्स: एकदम बेसिक टेक्नोलॉजी का ज्ञान सबके लिए आवश्यक है। इसमें ऑनलाइन पोर्टल्स यूज करने की समझ, डाटा हैंडल करने की स्किल, ऑनलाइन रिसोर्सेज यूज कर के प्रेजेन्टेशन्स बनाना, मोबाइल एप्स से बेस्ट नॉलेज लेना आदि शामिल हैं। साथ ही इसमें सूचना और मीडिया लिटरेसी, कंप्यूटिंग लिटरेसी और डिजिटल लिटरेसी शामिल हैं। नौकरियों की बात करें तो ई-कॉमर्स, साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट, डेटा एनालिस्ट, मशीन लर्निंग एनालिस्ट जैसे डिजिटल स्किल्स की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

2010 के बाद दुनिया गूगल, विकिपीडिया, यू-ट्यूब, स्मार्ट-फोन्स, नए-नए एप्स के आने के बाद से पूरी तरह बदल गई है। अब नॉलेज सब के लिए उपलब्ध है, और कोई भी इसे पहले की तुलना में आसानी से प्राप्त कर सकता है।

केन्या (अफ्रीका) के ‘जेवलिन थ्रो (भाला फेंक)’ एथलीट जूलियस येगो का उदाहरण अच्छा है जो ‘मिस्टर यू ट्यूब’ के नाम से फेमस हैं क्योकि उन्होंने जेवलिन थ्रो एथलीटों के यूट्यूब वीडियो देखकर थ्रो करना सीखा। येगो 92.72 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के साथ अफ्रीकी रिकॉर्ड और राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड धारक हैं। उन्होंने 2016 – रियो डी जनेरियो में समर ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता।

पहले की दुनिया में ज्यादातर लोगों के लिए नॉलेज तक एक्सेस ही एक चैलेंज था, लेकिन अब नहीं। तो अपना माइंडसेट बदलें, लर्निंग की बाउंड्री पार कर के नई चीजें डेली सीखें। केवल एक व्यक्ति आपको आगे बढ़ने से रोक सकता है – आप।

इसीलिए कॉर्पोरेट बोलते हैं ‘वी रिक्रूट फॉर एटीट्यूड एंड वी ट्रेन फॉर एप्टीट्यूड’।

तो आज का करियर फंडा ये है कि – ‘अपनी इंटरनल और एक्सटर्नल स्किल्स को डेली डेवेलप करते रहें, और अपनी मार्केट वैल्यू और सेल्फ-कॉन्फिडेंस ग्रो करते रहें।’

कर के दिखाएंगे

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