बच्चे भी हो सकते हैं गठिया के शिकार, ये लक्षण दिखते हैं तो नजरअंदाज करना सही नहीं

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Arthritis Symptoms In Children: गठिया की बीमारी बड़ों में होना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन अगर आप सुने कि बच्चे भी इसका शिकार हो सकते हैं, तो थोड़ा अजीब लगेगा. दरअसल, जुवेनाइल अर्थराइटिस बच्चों को भी प्रभावित कर सकता है. बच्चों में गठिया की यह समस्या 14 साल की उम्र से देखी जा रही है. ऐसा एक रिसर्च में पाई गई रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर का कहना है. डॉक्टर्स बताते हैं कि बच्चों की खराब लाइफस्टाइल के चलते उनकी सेहत को भारी नुकसान पहुंच सकता है. आजकल बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम हो गई है. जिसके चलते हड्डियों की सेहत प्रभावित होती है. साथ ही खराब डाइट का भी शरीर पर असर पड़ता है. आइये जानें बच्चों में गठिया के कौन-से लक्षण देखे जा सकते हैं. साथ ही इसे पहचान कर इससे बचने के उपाय जानें. 

बच्चों में गठिया का कारण

आपको बता दें, बच्चों में गठिया के कई कारण हो सकते हैं. लेकिन, इसका सबसे बड़ा कारण होता है आपकी जीन्स. अगर आपके परिवार में जुवेनाइल अर्थराइटिस से कोई मेमबर ग्रसित रहा है, तो इसका खतरा आगे के आने वाले बच्चों में भी हो सकता है. दरअसल, ये कुछ एंटीजन जीन्स की खराबियों के कारण होता है. जिसमें व्यक्ति का इम्यून सिस्टम उसी पर हमला करता है. वहीं इसके अलावा कुछ ये भी कारण हो सकते हैं. 

1. बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी की कमी
2. बच्चों की डाइट में कैल्शिम, मैग्नीशियम और प्रोटीन की कमी
3. बच्चों का एक्सरसाइज ना करना
4. घर के बाहर बच्चों का खेलने ना जाना
5. बच्चों में धूप की कमी  

बच्चों में गठिया के ये हो सकते हैं शुरुआती लक्षण

1. अगर बच्चों के पैरों में दर्द रहता है
2. अगर बच्चा पीठ में दर्द की शिकायत करता है
3. सोकर उठने के बाद हाथ, पैर, टखनों, कंधों और कोहनी में दर्द रहना
4. आंख के आस-पास सूजन
5. जब बच्चा थका हुआ और सुस्त महसूस करे
6. अगर आपके बच्चे को भूख नहीं लगती है
7. बच्चे का वजन बढ़ना
8. तेज बुखार रहना 
9. पूरे शरीर पर दाने या रैशेज होना

गठिया का उपाय

अगर आपको अपने बच्चों में गठिया के ऊपर दिए गए लक्षणों में से कुछ नजर आता है, तो इसे अनदेखा न करें. इसका इलाज और उपाय तुरंत जरूरी है. सबसे पहले आप उनकी लाइफस्टाइल को सही करें. साथ ही उन्हें फिजिकल एक्टिविटी के लिए प्रेरित करें और घर से बाहर खेलने के लिए भेजें. अपने बच्चों के भोजन में फैटी और प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन पर रोक लगाएं. ये मोटापा का कारण होता है जो आगे चलकर अर्थराइटिस की समस्या पैदा कर सकता है. इसके अलावा आप अपने बच्चों की डाइट में हरी साग-सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, विटामिन सी से भरपूर फूड्स, दूध और पनीर जैसी चीजों को शामिल करें.

Disclaimer: इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है. हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी ज़ी न्यूज़ हिन्दी की नहीं है. हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें. हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है. 





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