बाहुबली को ‘आवाज देने वाले’ एक्टर को थी ये बीमारी, Big B जैसी दमदार है उनकी आवाज

0
84


बीमारी के मारे, ये सितारे/सुरेंद्र अग्रवाल: शरद केलकर एक मंझे हुए बॉलीवुड एक्टर हैं, जिनकी आवाज अमिताभ बच्चन जैसी दमदार है. बॉलीवुड एक्टर शरद केलकर ने ही फिल्म ‘बाहुबली’ के हिंदी वर्जन में बाहुबली किरदार को आवाज दी थी. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि शरद केलकर एक समय तक ढंग से बोल भी नहीं पाते थे. दरअसल, उन्हें हकलाने की दिक्कत (Actor Sharad Kelkar suffered stammering) थी. जिसके कारण उन्हें एक टीवी शो से भी हटा दिया गया था. इस बारे में एक्टर शरद केलकर ने मनीष पॉल के साथ हुए पॉडकास्ट में खुद बताया था.

Sharad Kelkar suffered Stammering: हकलाने की समस्या क्या है?
हकलाने की समस्या को Stammering (स्टैमरिंग) या Stuttering भी कहा जाता है. मायोक्लीनिक के मुताबिक, हकलाना एक स्पीच डिसऑर्डर है, जिसमें बोलने की सामान्य धाराप्रवाह में रुकावट आती है. जिसके कारण पीड़ित कई बार एक शब्द को बोलते हुए बार-बार रुकता है या एक ही शब्द कई बार दोहराता है. यह समस्या बच्चों में होना काफी सामान्य है.

‘बीमारी के मारे, ये सितारे’ सीरीज के सभी आर्टिकल पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

Symptoms of Stammering: हकलाने के लक्षण
जब कोई व्यक्ति हकलाता है, तो उसके साथ निम्नलिखित लक्षण भी दिख सकते हैं. जैसे-

  • किसी शब्द या वाक्य की शुरुआत करने में दिक्कत
  • शब्द को काटकर बोलना
  • एक ही शब्द या आवाज को दोहराना
  • कोई शब्द बोलने के बाद छोटी-सी चुप्पी
  • बोलने से घबराना
  • प्रभावित तरीके से ना बोल पाना
  • हकलाने के साथ आंखें झपकना
  • होंठ या जबड़े का हिलना
  • सिर हिलना, आदि

स्टैमरिंग के कारण
मायोक्लीनिक के मुताबिक, शोधकर्ता हकलाने के पीछे के कारणों को पता करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन, हकलाने के कुछ कारण आशंकित हो सकते हैं. जैसे-

  • स्पीच मोटर कंट्रोल में असामान्यता
  • अनुवांशिक कारणों से
  • दिमाग में चोट लगने से
  • भावनात्मक सदमा लगने से, आदि

ये भी पढ़ें: बीमारी के मारे, ये सितारे: इस बीमारी के कारण अपना चेहरा नहीं पहचान पाती थी छोटे पर्दे की ‘कुमकुम’, जानें लक्षण

Treatment of Stammering: हकलाने का इलाज क्या है?
पॉडकास्ट में एक्टर शरद केलकर ने बताया था कि उन्होंने स्टैमरिंग से उबरने के लिए बिग बी के ब्रीदिंग पैटर्न को फॉलो किया. जिसका उन्हें फायदा मिला और आज वह दमदार तरीके से बोल पाते हैं. मायोक्लीनिक के मुताबिक, हकलाने का इलाज निम्नलिखित तरीके से किया जा सकता है.

  1. धीरे-धीरे बोलने जैसी स्पीच थेरेपी
  2. धाराप्रवाह बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रोनिक डिवाइस
  3. मनोचिकित्सक की मदद से कॉग्नीटिव बिहेवियरल थेरेपी
  4. माता-पिता का सपोर्ट, आदि

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.





Source link