भास्कर इंटरव्यू: वाणी कपूर ने कहा-‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ की सफलता से बहुत खुश हूं, कभी किसी फिल्म में ट्रांस गर्ल को ऐसे नहीं दर्शाया गया

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मुंबई19 मिनट पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय

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साल 2013 में फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ से करियर शुरू करने वाली वाणी कपूर ‘बेफिक्रे’, ‘वॉर’, ‘बेल बॉटम’ के बाद अब दर्शकों के सामने ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ लेकर आई हैं। इसमें अपने किरदार मानवी के लिए दर्शकों की तारीफें बटोर रहीं वाणी की अगली फिल्म रणबीर कपूर के साथ ‘शमशेरा’ होगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में वाणी ने ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’, अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स और करियर से जुड़ी कई बातें शेयर की हैं।

‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ ​​​को लेकर करीबियों, दर्शकों, प्रशंसकों की कैसी प्रतिक्रिया मिल रही है?
बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। यह फिल्म नॉर्मल ऑडियंस को भी पसंद आ रही है। इंडस्ट्री के लोगों ने अच्छी-अच्छी बातें बोली हैं, तब अच्छा लग रहा है कि सही दिशा में सही सोच के साथ पिक्चर को देख और पसंद कर रहे हैं। यह फिल्म देखते समय मानवी की स्थिति पर मेरी आंखों में आंसू आ रहे थे।

ऐसे संवेदनशील मुद्दे वाली कहानी को सुनकर मन-मस्तिष्क में पहला विचार क्या आया?
मुझे तो तुरंत लगा कि इस फिल्म को करना है, क्योंकि बहुत अच्छी तरह से लिखा गया था। जिस तरह से नॉर्मलाइज्ड तरीके से फिल्मेकर इसे प्रजेंट करना चाहते थे, वह बड़ा अच्छा लगा। हिंदी पिक्चर, हिंदी शोज देखेंगे तो कभी ट्रांस गर्ल को ऐसे दर्शाया नहीं गया। जब ऐसे लोगों को समझ नहीं आ रहा होता है, तब वे क्या रेफरेंस प्वाइंट ढूंढ़ते हैं। उन्हें क्या रेफरेंस प्वाइंट देंगे। सोसायटी वैसे भी जजमेंटल है। बहुत फैमिली ऐसी होती हैं, जो खुद ही एक्सेप्ट नहीं कर पाती हैं। आई थिंक, सोच बदलने के लिए ऐसी कहानियों को दर्शाना बहुत जरूरी है। इसे सही वेब और नॉर्मलाइज दिखाया गया है ताकि लोगों की सोच नॉर्मलाइज हो। आजकल दुनिया कहां चली गई है। हम लोगों भी इन्वॉल्व होना बहुत जरूरी है। आई थिंक, यह एज्युकेशन स्कूल-कॉलेज में नहीं मिलती है। इसके बारे में कोई खुलकर बात नहीं करता है। कोई अपना ओपिनियन नहीं देता है। मुझे लगता है कि जनता को फ्रूट फुल थॉट देने की जरूरत है।

आप पर्दे पर एकदम स्लिम, खूबसूरत लगीं, इस खूबसूरती का राज फैंस और युवाओं को देना चाहेंगी?
इसका कोई खास राज नहीं है। डिसीप्लीन से खाती हूं। अब तो रोजाना एक्सरसाइज करना पड़ता है, क्योंकि जिस तरह की पिक्चर साइन करती हूं, उनकी एक डिमांड होती है कि अच्छी और फिट लगें। हर तरह के कपड़े पहन सकें। स्क्रीन पर तो वैसे ही अपनी साइज से थोड़ा एक्स्ट्रा लगते हो। आई थिंक, इन सबके लिए टाइम पर भोजन करना चाहिए। यह बहुत बेसिक चीज है, पर इसे लाइफ में फॉलो करना बहुत जरूरी है।

अब तक की जबर्दस्त परफॉर्मेंस वाली फिल्म कही जा रही है, क्या कहेंगी?
मैं बहुत खुश हूं कि इस तरह की कहानी और उसमें इस तरह का परफॉर्में दिखाने का मौका मिला। मुझे नहीं लगता है कि फीमेल एक्ट्रेस को इतना अच्छा किरदार निभाने का मौका मिलता है। मैं बहुत हैप्पी और ग्रेटफुल हूं कि मुझे ऐसा मौका मिला।

90 के दशक की हीरोइनों पर गाने फिल्माए जाते थे, उन पर डांस करके सफल पहचान बनाती थीं, आज वह पहचान नहीं मिलती, ऐसा मौका कब आएगा?
लकली, मुझे अपनी फिल्मों में गाने तो बहुत अच्छे-अच्छे मिले। टचवुड, उसके लिए खुश हूं। हर पिक्चर में मेरा कोई न कोई गाना हिट गया है। चंडीगढ़ करे आशिकी में भी मुझे खूबसूरत गाने मिले हैं। बेफिक्रे मूवी का मेरा गाना- एक नशे सी चढ़ गई… अच्छा चला था। वह गाना लोगों को आज भी याद है। इसके अलावा धूम-2 यादगार रहा, जो ऋतिक रोशन के साथ चला था। आगे कोशिश जारी रहेगी कि और भी अच्छे गाने मिलते रहें।

अच्छा, चंडीगढ़ करे आशिकी में जुम्बा डांस किया है, इसके लिए किस तरह की तैयारी रही?
डांस से जुम्बा बहुत मिलता-जुलता है और एरोबिक्स है। एरोबिक्स और डांस का मिला लो, तब जुम्बा बन जाता है। जुम्बा करना इतना मुश्किल नहीं था, क्योंकि मुझे नाचना आता है।

कोरोना काल में शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?
कोविड था, इसलिए होटल से सेट पर शूटिंग करने और वहां से सीधे होटल आती थी। यह इतना इंपोर्टेंट कैरेक्टर था कि मेरे पास और किसी में ध्यान लगाने का वक्त ही नहीं था। एकदम कैरेक्टर में घुसे हुए थे।

कोविड टाइम में इंटीमेट सीन देने के लिए मन-मस्तिष्क में कोई हिचक नहीं रही?
समय-समय पर हमारे टेस्ट होते रहते थे, उसकी रिपोर्ट्स मिलती थी। हर जगह चेकिंग होती थी। प्रोडक्शन ने बड़ी जिम्मेदारी से टेस्ट के साथ-साथ प्रोटोकॉल फॉलो करवाते हुए छोटी-सी-छोटी चीजों को बड़ी हिफाजत से उपलब्ध करवाया। हम लोगों ने एक बॉयोबबल बनाया था। बाहर के लोगों से मिलना-जुलना नहीं होता था। इस तरह बहुत कम रिस्क लिया। बायोबबल का फायदा यह रहा है कि हम बच गए और सक्सेस फुली फिल्म की शूटिंग कंप्लीट किया। किसी को कोविड नहीं हुआ।

मौका मिले तो किस हीरो-हीरोइन से जुम्बा पर डांस कराना चाहेंगी?
इस बारे में क्या बोलूं, क्योंकि सभी तो इतना अच्छा नाच लेते हैं। मुझे लगता है कि सभी नाचना जानते हैं। हीरो में एक का नाम लूं, तब आयुष्मान खुराना को जुम्बा करना चाहिए। हीरोइनों में तो सभी में लचक है। वह कौन होगी, इस बारे में सोच नहीं पा रही हूं, क्योंकि सब में लचक है।

सुना है कि आप यशराज परिवार की आप रिलेटिव हैं, सच क्या है?
मैं यशराज की कहां से रिलेटिव हूं। यह सिर्फ अफवाह हैं।

ग्लैमर इंडस्ट्री में सुंदर दिखने के लिए सर्जरी कराने पर दबाव डाला जाता है, क्या कभी किसी ने इस बारे में कुछ कहा?
मुझे कभी किसी ने कोई दबाव नहीं डाला। मैंने कोई सर्जरी करवाई भी नहीं। शायद आप बात करना चाहते हैं कि कभी कोई लुक्स के लिए आपको ट्रोल किया था, तब कहूंगी कि मैं झूठ नहीं बोल रही हूं। यह बहुत सच है कि मैंने कभी सर्जरी नहीं कराई।

अब तक क्रेजी कोई मिला हो?
मुझे फैन क्रेजी नहीं लगते। मुझे लगता है कि फैन की एक चाह होती है, जो बहुत ही अनकंडीशनल लव देते हैं। वह एक प्योर ऑफ लव है। हमने उनके लिए इतना नहीं किया, जितना वे हमारे लिए कर रहे हैं। इसलिए मैं किसी फैन को क्रेजी नहीं समझती।

पसंदीदा सांग
कल्ले कल्ले… और माफी…, ये दो गाने मेरे प्ले लिस्ट पर टॉप पर चल रहे हैं। इन दिनों चंडीगढ़ करे आशिकी फिल्म के यही मेरे पसंदीदा सांग हैं।

पसंदीदा स्टार
मुझे सभी स्टार पसंद हैं। सब में अलग-अलग खूबियां हैं। एक का नाम लेकर दूसरे को कमतर नहीं दिखाना चाहूंगी।

पसंदीदा रंग
मुझे सफेद और काला बहुत पसंद है।

पसंदीदा त्योहार
त्योहार में दीपावली बहुत पसंद है। ऑफकोर्स, क्रिसमस और न्यू ईयर भी पसंद है। लेकिन दीवाली सबसे पसंद है।

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