‘माई नेम इज़ ख़ान’ पर क्यों मचा है घमासान

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नई दिल्ली: बहुत जल्द देश के 5 राज्यों में चुनाव है ऐसे में हर खबर को धार्मिक चश्मे से देखने वाले नेता अगर पग-पग पर उग आएं तो आश्चर्य कैसा?  नेता अपने नाम के आगे राइट विंग लगाएं या लेफ्ट. स्वयं को लिबरल बताएं या कट्टरता का लेबल उनपर चस्पा हो. अपनी सुविधानुसार और शुचितानुसार खबर में धर्म और जाति ढूंढ निकालने में ये माहिर हैं.

ड्रग्स सेवन मामले में शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान पर NCB की कार्रवाई क्या हुई ऐसा लग रहा है, आजादी के बाद से NCB की ये पहली कार्रवाई है. देश में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है जैसे आर्यन खान को “ख़ान” सरनेम की वजह से फंसाया गया हो.

विवेचना ऐसी मानो NCB रेव पार्टी में पहुंची, फिर एक-एक शख्स का जाति और धर्म पूछा, फिर सबको छोड़ सिर्फ आर्यन को शिकंजे में ले लिया.ठीक वैसे ही जैसे हाल ही में कश्मीर में हायर सेकेंडरी स्कूल में आतंकियों ने घुसकर, हर शख्स का आइडी कार्ड देखकर, फिर हिंदू और सिख शिक्षकों की पहचान कर, उनकी हत्या कर दी थी.

कांग्रेस नेता अजय सिंह को देश का हर बच्चा नशेड़ी दिखता है

मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आर्यन खान का बचाव करते-करते देश के हर नौजवान को कटघरे में खड़ा कर दिया.अजय सिंह को देश का हर बच्चा नशाखोर दिखाई देता है.अजय सिंह कांग्रेस के स्टार प्रचारक है.दरअसल, वो सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट पर चुनावी सभा को बघेली बोली में संबोधित कर रहे थे.

भाषण देते-देते अजय सिंह ने आर्यन ख़ान और लखीमपुर मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि देश का कानून आर्यन खान के लिए अलग है और अजय मिश्रा के लिए अलग है.

आगे आर्यन ख़ान और नशाखोरी का बचाव करते-करते वो कह बैठे कि आज देश का कौन सा बच्चा है जो नशा नहीं करता.सभास्थल के पास की बिल्डिंग की ओर इशारा करते हुए अजय सिंह ने कहा कि कोरेक्स से नशा लेने वालों द्वारा फेंकी गई बोतलें वहां पीछे मिल जाएंगी. 

मतलब या तो मुस्लिम विक्टिम कार्ड खेलकर आर्यन को बचा लो या नशाखोरी का समर्थन करके आर्यन खान को बचा लो.लब्बोलुबाब ये है कि मुस्लिम-हिंदू विभाजन कर वोटबैंक बना लो.

महबूबा मुफ्ती भी कर चुकी हैं ‘माई नेम इज़ ख़ान’ का बचाव 

इसके पहले जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी आर्यन का बचाव करते-करते यही ज़हर उगला था… सुश्री मुफ्ती ने दावा किया कि एनसीबी आर्यन के पीछे इसलिए है क्योंकि उसका सरनेम ‘खान’ है.ये वही महबूबा मुफ्ती हैं जो कहती हैं कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता … और ये वही महबूबा मुफ्ती हैं जिन्हें नशेड़ियों का धर्म दिख जाता है.

NCB की कार्रवाई 

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि एनसीबी (NCB) ने इस साल ड्रग्स से जुड़े करीब 100 मामले अब तक दर्ज किए हैं.इन मामलों में कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था.ज़ाहिर है ना भारती मुस्लिम हैं ना उनके पति. 

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ग़ौर करेंगे तो पाएंगे कि ‘किंग खान’  को मिल रहा असीम प्रेम देश के लिए कोई नई बात नहीं है.आर्यन की गिरफ्तारी के वक्त ही ये लग रहा था कि जल्द ही विक्टिम कार्ड खेलने वाली जमात एकजुट होने वाली है.

एक मुहिम चल रही है सोशल मीडिया पर जो ये नरेटिव सेट करना चाहती है कि आर्यन खान अगर शाहरुख के बेटे ना होते… खान ना होते, तो NCB की पकड़ में भी ना होते.एक तरफ कोर्ट और NCB अपने काम कर रही है दूसरी तरफ माई नेम इज़ खान गैंग अपना काम कर रही है.

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