यूपी में शिक्षक भर्ती के लिए 2.5 लाख ट्वीट: छात्रों ने कहा- 3 साल से भर्ती नहीं निकली, 1 लाख खाली पदों पर भर्ती की कोई चर्चा नहीं

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8 घंटे पहलेलेखक: राजेश साहू

शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने 15 मई को ट्विटर पर बड़ा अभियान चलाया। हैशटैग #प्राथमिक_शिक्षक_भर्ती_दो_97000 के साथ 10 घंटे में 2.50 लाख से अधिक ट्वीट किए गए। ट्वीट करने वाले अभ्यर्थियों की मांग है कि शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकाला जाए। अभ्यर्थी तर्क दे रहे हैं कि पिछले तीन साल से कोई भर्ती नहीं की गई। लेकिन इस दौरान BTC और B.Ed करने वालों की ट्रेनिंग चलती रही, जिससे अभ्यर्थियों की एक बड़ी फौज बेरोजगार खड़ी है।

इस कवर फोटो के जरिए अभ्यर्थियों को आंदोलन की जानकारी दी गई और उसके बाद सभी ने धड़ाधड़ ट्वीट किया।

ट्विटर पर छात्र क्या लिख रहे हैं इसे जानने से पहले शिक्षक भर्ती से जुड़ा मुद्दा जानते हैं…

पिछले 5 साल से सरकार ने जारी नहीं की कोई भर्ती
25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के स्कूलों में पढ़ा रहे 1.70 लाख शिक्षा मित्रों के समायोजन को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया। इसमें 30 हजार TET पास थे, इसलिए वह सहायक अध्यापक बने रहे। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि जल्द 1.37 लाख खाली पदों पर रिक्तियों को भरा जाए। सरकार ने पहले 68,500 और फिर 69000 भर्ती प्रक्रिया पूरी की। इन दोनों भर्तियों के अतिरिक्त सरकार ने 6800 और 17000 भर्ती का ऐलान तो किया, लेकिन विज्ञापन जारी नहीं किया गया।

चुनाव से पहले उम्मीद थी कि सरकार भर्ती निकालेगी
यूपी चुनाव से ठीक पहले अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि सरकार शिक्षक भर्ती निकालेगी। लेकिन TET परीक्षा में धांधली हुई जिसके बाद उम्मीद कम हो गई। 24 दिसंबर 2021 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने 17000 पदों पर शिक्षक भर्ती का ऐलान किया। ऐलान के 14 दिन बाद ही आचार संहिता लग गई। चुनाव बीत गए, दोबारा सरकार बन गई पर अब उसकी कोई चर्चा नहीं होती।

तत्कालीन शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने 24 दिसंबर को 17 हजार शिक्षक भर्ती का ऐलान किया था, लेकिन अब उसकी कोई चर्चा नहीं है।

तत्कालीन शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने 24 दिसंबर को 17 हजार शिक्षक भर्ती का ऐलान किया था, लेकिन अब उसकी कोई चर्चा नहीं है।

अब बात करते हैं कि ट्विटर पर अभ्यर्थी क्या कह रहे हैं…

1: डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह ने लिखा, “माननीय संदीप सिंह जी, आप शिक्षा मंत्री बने तो प्रशिक्षुओं में खुशी की लहर थी। उसका कारण यह था कि कहीं न कहीं हम सब की पीड़ा को समझेंगे और नई शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकालने में मदद करेंगे। लेकिन आप तो पूर्व शिक्षा मंत्री के भांति निकले।”

2: मयंक शुक्ला लिखते हैं, “बेसिक विभाग में छात्रों का नामांकन बढ़ रहा है। लेकिन बेसिक में शिक्षकों की संख्या 3 साल से बढ़ने के बजाय कम हो रही है। शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसलिए हमारी मांग है कि नए शिक्षकों की भर्ती की जाए।”

3: आभा श्रीवास्तव शिक्षक भर्ती के मामले में मंदिर मस्जिद की चर्चा करते हुए लिखती हैं, “प्लीज सर, हमें मंदिर मस्जिद नहीं चाहिए, हमको बस रोजगार चाहिए।”

4: अरविंद मौर्य ने सरकार के 17000 के ऐलान को खारिज करते हुए लिखा, “हमें 17 हजार नहीं 97 हजार भर्ती चाहिए। एक अन्य ट्वीट में लिखा, सुबह से ट्रेंडिंग में है बस सरकार देखना नहीं चाहती।”

5: गौरव कुमार ने लिखा, “सरकार भी जानती है कि बेसिक शिक्षा विभाग में 1 लाख से अधिक पद खाली हैं, लेकिन वह भर्ती नहीं करना चाहती। प्रदेश के युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।”

गुफरान लिखते हैं कि पिछले चार साल से ट्विटर के जरिए शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे हैं अब भर्ती निकाल दीजिए।

गुफरान लिखते हैं कि पिछले चार साल से ट्विटर के जरिए शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे हैं अब भर्ती निकाल दीजिए।

अभ्यर्थियों की बात सुनने के बाद उन्हीं की लिखी बातों पर आगे बढ़ाते हैं। क्या सच में 1 लाख पद खाली हैं?

केंद्र सरकार ने बताया यूपी में 1.50 लाख पद खाली हैं
जून 2021 में उस वक्त के केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सदन में बताया था कि देशभर में 10 लाख 60 हजार 139 शिक्षकों के पद खाली हैं। अकेले यूपी में यह संख्या 2,17,481 है। जून 2021 के बाद 69 हजार शिक्षक भर्ती पूरी हुई। अगर इसे घटाएं तो खाली शिक्षकों के पदों की संख्या 1.50 लाख के आस-पास होती है। ध्यान रहे 69 हजार शिक्षक भर्ती का 60% नियुक्ति पत्र जून 2021 के पहले बंट चुका था।

2020-21 सत्र में देश के अंदर खाली शिक्षकों के पदों की यह लिस्ट केंद्र सरकार ने जारी की थी।

2020-21 सत्र में देश के अंदर खाली शिक्षकों के पदों की यह लिस्ट केंद्र सरकार ने जारी की थी।

राज्य सरकार के आंकड़े अलग हैं
जून 2021 में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट जमा करते हुए बताया कि 51,112 पदों पर भर्ती की जाएगी। कोर्ट में सरकार ने यह भी बताया कि इस वक्त यूपी में 73,711 पद खाली हैं। इसमें 52,317 पद प्रिंसिपल के खाली हैं। प्रदेश की परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 28 नवंबर 2021 को यूपी TET करवाने का प्रस्ताव भेज दिया। तब कहा गया कि अक्टूबर 2021 में भर्ती का ऐलान होगा। लेकिन 9 महीने बाद भी किसी तरह की भर्ती का ऐलान नहीं किया गया है।

अब बात BTC ट्रेनिंग कर रहे छात्रों की
यूपी में हर साल 2.42 लाख स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन करके BTC (Basic Training Certificate) में एडमिशन लेते हैं। इसमें 10 हजार छात्र सरकारी कॉलेज से ट्रेनिंग लेते हैं। 2.10 लाख से अधिक प्राइवेट कॉलेज में मोटी फीस देकर दो साल ट्रेनिंग लेते हैं।

21 लाख अभ्यर्थी TET पास करके भर्ती का इंतजार कर रहे हैं
BTC और B.Ed करने के बाद TET पास करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 21 लाख से अधिक हो चुकी है। इनमें 12 लाख अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने एक से अधिक बार TET पास किया है।

सरकार की तरफ से क्या जवाब आया है
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने आठ दिन पहले कहा था, “अभी नई शिक्षक भर्ती की कोई चर्चा नहीं है। आगे जैसे ही जरूरत लगेगी, भर्ती की जाएगी।”

शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा, अभी नई भर्ती को लेकर कोई तैयारी नहीं है।

शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा, अभी नई भर्ती को लेकर कोई तैयारी नहीं है।

आंदोलनकारी छात्र क्या कहते हैं
हमने इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रजत सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि इस वक्त अभ्यर्थी सरकार की तरफ उम्मीद लगाए देख रहे हैं। हम भी मंत्रियों से मिले तो आश्वासन मिला है। लेकिन अगर जल्द शिक्षक भर्ती का ऐलान नहीं होता है, तो हम आंदोलन की तैयारी करेंगे।

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