स्मृति मंधाना अपने ही प्रदर्शन से ही नहीं है खुश, खुद की बल्लेबाजी में बताई गलती

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नई दिल्ली: स्मृति मंधाना ने खुद को महिला क्रिकेट की दिग्गज बल्लेबाजों में शामिल कर लिया है लेकिन यह भारतीय खिलाड़ी अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप से पहले अपनी बल्लेबाजी में और निरंतरता लाना चाहती हैं. मंधाना दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दिखा सकी थीं जिससे कोविड-19 महामारी के दौर में भारतीय टीम की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी हुई थी. लेकिन 25 साल की इस खिलाड़ी ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरों पर बल्लेबाजी में लय हासिल कर ली.

बेहतर बनने के लिए करना चाहतीं ये काम

वह खेल के सभी फॉर्मेट में खेलती हैं और उन्हें भारतीय महिला टीम की भविष्य की कप्तान के तौर पर देखा जा रहा है. उन्हें लगता है कि बल्लेबाज के लिए निरंतरता बनाए रखने के लिए स्वार्थी बने रहना जरूरी है. मंधाना को यहां शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्ज और तानिया भाटिया के साथ हुंदै का ब्रांड दूत बनाया गया. इसके बाद उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 के बाद लय हासिल करना मुश्किल था क्योंकि मैं डेढ़ साल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रही थी. लय में आने में थोड़ा समय लगा लेकिन पिछली दो सीरीजों से अच्छी रहीं लेकिन निश्चित रूप से सुधार की गुंजाइश है.’

इस बात से हैं खुश

मंधाना ने कहा, ‘लेकिन मैं अपनी गेंद की टाइमिंग से खुश हूं. मुझे पूरा भरोसा है कि टीम ने भी पिछले एक साल में काफी कुछ सीखा है जिससे हमें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.’ महिलाओं की बिग बैश लीग में भी मंधाना का प्रदर्शन शानदार रहा था जिसमें उन्होंने एक शतक भी जड़ा था. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी उन्होंने गुलाबी गेंद के टेस्ट में शानदार शतक जमाया था, इसके अलावा सीमित ओवर के मैचों में दो अर्धशतक भी जमाए थे. पिछले 9 महीनों में उन्होंने काफी क्रिकेट खेला है और यह स्टाइलिश सलामी बल्लेबाज मार्च-अप्रैल में न्यूजीलैंड में होने वाले वनडे विश्व कप से पहले काफी सकारात्मक हैं.

कोविड के बाद आई थीं दिक्कतें 

उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 के बाद मुझे लय हासिल करने में काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. लगातार मैच खेलना मुश्किल था लेकिन हमने पिछले छह महीनों में काफी क्रिकेट खेला और यह अच्छा संकेत है. शरीर भी (इतने सारे मैच खेलने के बाद) आगे की प्रतियोगिताओं के लिये तैयार लग रहा है.’ मंधाना ने कहा, ‘बल्लेबाज के तौर पर आपको निरंतर रहने के लिए थोड़ा स्वार्थी होना होता है और मैं इसी पर काम करना चाहती हूं. करीब मुकाबलों में नियमित रूप से मैच खत्म करना चाहती हूं.’





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