हासिल के 19 साल: पहली ऐसी फिल्म जिसका क्लाईमैक्स पहले शूट हुआ, इसे देख प्रोड्यूसर फिल्म पर पैसा लगाने को राजी हुए

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8 मिनट पहले

19 साल पहले आज ही के दिन यानी 16 मई 2003 को तिग्मांशु धूलिया के डायरेक्शन में बनीं फिल्म हासिल रिलीज हुई थी। इस क्राइम ड्रामा फिल्म में इरफान खान, जिम्मी शेरगिल, आशुतोष राणा, राजपाल यादव और हर्षिता भट्ट नजर आईं थी। हासिल इरफान की एकमात्र फिल्म है जिसमें वह नेगेटिव किरदार में नजर आए थे। इस फिल्म के लिए इरफान को बेस्ट नेगेटिव रोल के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था।

इरफान नहीं होते तो हासिल नहीं होती
तिग्मांशु ने अपनी फिल्म के टाइटल के बारे में कहा था, मुझे याद है 20 साल पहले उनके एवरशाइन नगर के किराए के फ्लैट पर फिल्म का टाइटल मेरे दिमाग में आया था। फिल्म की कास्टिंग के बारे में उन्होंने कहा था कि अगर इरफान नहीं होते तो हासिल नहीं होती। दरअसल, तिग्मांशु और इरफान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में मिले थे। यहीं उन्होंने इरफान की एक्टिंग देखी और मन बना लिया था कि मैं जब भी अपनी पहली फिल्म बनाऊंगा तब उसमें इरफान को ही लीड रोल में लूंगा।

हासिल का क्लाइमैक्स पहले शूट हुआ
तिग्मांशु जब हासिल की स्क्रिप्ट लिख रहे थे तो उन्होंने इलाहाबाद(अब प्रयागराज) के कुंभ मेले को ध्यान में रखकर लिखा था। इत्तेफाक से उस साल कुंभ का मेला चल भी रहा था। लेकिन जब अपनी फिल्म की कहानी लेकर प्रोड्यूसर्स के पहुंचे तो किसी भी हां नहीं किया। सब कहते कि यार इस कहानी को कौन देखेगा। इस पर पैसा लगाने की सोचते हैं। इन्ही सब के बीच कुंभ के मेला भी खत्म होने की कगार पर था, इतने में तिग्मांशु ने हिम्मत की और अपनी जमा पूंजी लेकर शूटिंग के लिए इलाहाबाद पहुंच गए। क्योंकि कुंभ मेले को री-क्रिएट करना बहुत मुश्किल था। हासिल का क्लाइमैक्स का सीन रियल मेले में शूट हुआ था।

हासिल के सेट पर तिग्मांशु से सीन के बारे में बात करते हुए इरफान।

प्रोड्यूसर्स को दिखाया क्लाइमैक्स
फिल्म का क्लाइमैक्स शूट करने के बाद तिग्मांशु अपनी टीम के साथ वापस मुंबई लौट गए। इसके बाद उन्होंने मुंबई पहुंचकर क्लाइमैक्स को एडिट किया और एक बार फिर से प्रोड्यूसर्स से मिलने लगे। जब प्रोड्यूसर्स ने फिल्म के क्लाइमैक्स को देखा तो उन्हें लगा कि यह पूरी बनने के बाद अच्छी होगी और रिस्पॉन्स भी अच्छा आएगा। इसके बाद कर्मा नेटवर्क्स नाम की कंपनी ने हासिल पर पैसा लगाया और फिल्म पूरी बनी।

शूटिंग से जुड़ा एक और किस्सा
​​​​​​​तिग्मांशु जब अपनी फिल्म की शूटिंग के इलाहाबाद पहुंचे तो एक सीन मार्केट में शूट किया जाना था। फिल्म के सिनेमैटोग्राफर राफी महमूद कैमरा का सेटअप कर जैसे ही शूट करना शुरू करते हैं तो एक आदमी आकर उनकी पीठ थपथपाता है। उसने कहा, चलो बेटा किनारे हटो अब हमारा लौंडा देखेगा। इतने में राफी ने उससे थोड़ी बात करनी चाही तो आदमी ने कट्टा दिखाते हुए बोला देख रहे हो का लगाए हैं। फिर जब उस आदमी के बेटे ने कैमरे को पूरी तरह देखा और हटा, तब जाकर फिल्म की शूटिंग शुरू हुई।

हासिल का एक सीन। इसमें इरफान खान अपने दोस्तों के साथ फिल्म देखने जाते हैं।

हासिल का एक सीन। इसमें इरफान खान अपने दोस्तों के साथ फिल्म देखने जाते हैं।

फिल्म की कास्टिंग
​​​​​​​डायरेक्टर तिग्मांशु ने यह कहानी लिखते समय ही डिसाइड कर लिया था कि इसमें लीड रोल इरफान ही करेंगे। इसके बाद उन्होंने दूसरी कास्ट में भी आधे से ज्यादा उन लोगों को रखा जो या तो NSD के उनके सीनियर थे या फिर नए और स्ट्रगलिंग थे। ऐसे में ही इसमें जिम्मी शेरगिल और हर्षिता भट्ट की एंट्री हुई।

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