8 क्रिएटिव फील्ड्स में शानदार करिअर: वोकेशनल एजुकेशन में क्रिएटिव कोर्स बहुत काम के

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एक घंटा पहले

करिअर फंडा में आपका स्वागत है!

कहते हैं

नया सोचोगे तो नया बनेगा

नया बनेगा तो कई राहें खुलेंगी

उन राहों से बनेंगी नई दास्तानें

जिनमें होंगी आने वाले कल की सुबह!

सदियों से ह्यूमन सोसायटी का डेवलपमेंट क्रिएटिविटी के कारण होता रहा है। कोई न कोई इंसान कुछ नया करने की चाहत में नई फील्ड्स को जन्म दे देता है।

1990 तक इंडिया में क्रिएटिव फील्ड्स डेवलप्ड नहीं थीं, लेकिन आज सब बदल गया है, और अब कई क्रिएटिव करिअर्स जॉब मार्केट में अपनी पहचान बना रहे हैं। आज के करिअर फंडा में हम आपके लिए ऑप्शंस की भरमार लाए हैं!

आठ बड़े क्रिएटिव ऑप्शंस, सबके लिए

1. लैंग्वेज (भाषाएं)

2. प्रिंट मीडिया

3. वीडियोग्राफी और एडिटिंग

4. फिल्म, एक्टिंग, थिएटर, टीवी/ रेडियो

5. रेडियो/वीडियो जॉकी, एंकरिंग

6. आर्किटेक्चर

7. कंप्यूटर गेम डिजाइनर

8. डिजाइनिंग

आइए, ब्रीफ में जानें आपके लिए ग्रेट ऑप्शंस के डिटेल्स

1) लैंग्वेज (भाषाएं): इसमें विभिन्न भाषाओं, जैसे इंग्लिश, हिंदी, मैंडेरिन, फ्रेंच, स्पेनिश, इटेलियन आदि, की स्टडीज शामिल है। इसके लिए भारत के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में डिप्लोमा से लेकर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन तथा डॉक्टरेट तक के कोर्स उपलब्ध हैं। इस फील्ड में आप (i) क्रिएटिव राइटिंग, (ii) लिटरेचर राइटिंग, (iii) कॉपी राइटिंग, (iv) ट्रांसलेशन (अनुवाद), (v) इंटरप्रिटेशन, (vi) जर्नलिज्म, (vii) लैंग्वेज टीचर, (viii) ब्रांड जर्नलिस्ट्स, (ix) सोशल मीडिया ब्लॉगर्स/राइटर्स आदि के रूप में करिअर बना सकते हैं।

2) प्रिंट मीडिया: इस क्षेत्र में फोटोग्राफी और ग्राफिक डिजाइनिंग आते हैं। प्रोफेशनल फोटोग्राफर और ग्राफिक डिजाइनर मीडिया कंपनियों जैसे न्यूज पेपर्स मैगजीन्स, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों एडवरटाइजिंग एजेंसियों और फैशन हाउसों, ई-कॉमर्स तथा मोबाइल-कॉमर्स कंपनियों में तो काम करते ही हैं, साथ ही स्पेशलाइज्ड फील्ड्स जैसे वाइल्डलाइफ / लाइफ स्टाइल / फैशन / फूड/ वेडिंग / स्पोर्ट्स / लैंडस्केप / आर्किटेक्चरल / अंडरवाटर फोटोग्राफी में काम करते हैं। एक इंस्पायरिंग फोटो बनाने के लिए लाइट, फ्रेम और कलर्स का डीप नॉलेज आवश्यक है, और साथ ही कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से एडिट करना भी।

3) वीडियोग्राफी और एडिटिंग: इस फील्ड में वीडियोग्राफी, वीडियो एडिटिंग, मल्टीमीडिया और एनिमेशन आते हैं। एक वीडियो एडिटर रिकॉर्ड किए गए फुटेज के सबसे बढ़िया भागों की पहचान करता है और उन्हें उसी समय या बाद में दर्शकों को दिखाता है। वे अपने प्रोडक्ट को पूरा करने के लिए टेक्स्ट, इमेज, ट्रांजिशन और ऑडियो जोड़ने के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं। विडिओग्राफर्स और एडिटर्स के लिए फिल्मों, डॉक्यूमेंटरीज, एड-फिल्म्स से लेकर वेडिंग वीडियोग्राफी, सोशल मीडिया चैनल्स तक कई ओपोर्चुनिटीज उपलब्ध हैं। इस फील्ड में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट एवं डिग्री प्रोग्राम्स उपलब्ध हैं।

4) फिल्म, एक्टिंग, थिएटर, टीवी/ रेडियो: सिनेमा कम्युनिकेशन का एक पावरफुल मीडियम है। इसमें फीचर फिल्म्स, डॉक्यूमेंट्री मेकिंग, टीवी सीरियल का निर्माण, थिएटर, एड-फिल्म डायरेक्शन आर्ट डायरेक्शन, क्रिएटिव डायरेक्शन शामिल हैं। इस क्षेत्र में डायरेक्शन, एक्टिंग जैसे क्षेत्रों में करिअर बनाया जा सकता हैं। इस करिअर में प्राप्त नॉलेज और स्किल्स आपको फिल्म बनाने वाली कंपनियों, टेलीविजन चैनलों, ऐड एजेंसियों, एजुकेशन इंस्टीटूट्स, स्वतंत्र फिल्मों, थिएटर आदि में काम करने की परमिशन देगा।

5) रेडियो/वीडियो जॉकी, एंकरिंग: एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में ग्रोथ के साथ अब ये ट्रेंडिंग करिअर हैं। यदि आप हर टाइप की सिचुएशन को सेंस ऑफ ह्यूमर के साथ हैंडल करते हुए, करंट अफेयर्स पर बढ़िया बात कर सकते हैं, तो आपके सामने बहुत अवसर हैं। आप रेडियो स्टेशनों, टीवी चैनलों, रियलिटी शो, लाइव इवेंट, न्यूज चैनल में काम कर सकते हैं। यह कोई डिग्री-स्पेसिफिक कोर्स नहीं है। हालांकि, आप स्किल बिल्डिंग और वीजे, आरजे या एंकर के रूप में काम करने के लिए डिग्री या शॉर्ट-टर्म डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं।

6) आर्किटेक्ट: वास्तुविद (आर्किटेक्ट) रेसिडेंशियल और इंडस्ट्रियल बिल्डिंग्स डिजाइन करने के लिए अपनी क्रिएटिव स्किल्स, मैथ्स और फिजिक्स का उपयोग करते हैं। वे इंटीरियर डिजाइनरों, बिल्डरों, कॉन्ट्रैक्टर्स और इंजीनियरों के साथ काम करते हैं। वे काम के विभिन्न चरणों जैसे डिजाइनिंग, प्लानिंग, निर्माण प्रबंधन आदि में विशेषज्ञ होते हैं। आर्किटेक्चर में स्पेशलाइजेशन भी हैं जैसे, अर्बन प्लानर, रेस्टोरेशन आर्किटेक्ट, लैंडस्केप आर्किटेक्ट, रेसिडेंशियल आर्किटेक्ट, कमर्शियल आर्किटेक्ट, इंडस्ट्रियल आर्किटेक्ट आदि। एक अच्छा आर्किटेक्ट उसी स्पेस को ब्यूटीफुल बना देगा जिसे एक अनट्रेंड कांट्रेक्टर नीरस रखेगा।

7) कंप्यूटर गेम डिजाइनर: गेम डिजाइनर्स, कंप्यूटर गेम के रूल्स, सेटिंग, स्टोरी और कैरेक्टर आदि तैयार करते हैं। उन्हें प्रोग्रामर्स, आर्टिस्ट्स, एनिमेटर्स, प्रोड्यूसर्स और ऑडियो इंजीनियर्स के साथ मिलकर काम करना होता है। आप टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट्स पर एक शॉर्ट-टर्म कोर्स कर सकते हैं।

8) डिजाइन: ‘डिजाइन’ शब्द में फैशन से लेकर टेक्निक, और मैन्युफैक्चरिंग तक सभी फील्ड्स आती हैं। एक डिजाइनर को क्रिएटिव होना ही चाहिए! डिजाइन के फील्ड्स हैं (i) इंटीरियर डिजाइन, (ii) फैशन डिजाइन, (iii) टैटू डिजाइन, (iv) प्रोडक्ट डिजाइन, (v) ऑटोमोबाइल डिजाइन, (vi) कार्टून डिजाइन, (vii) कॉस्ट्यूम डिजाइन, (viii) लेदर डिजाइन, (ix) ज्वेलरी डिजाइन, (x) यूजर इंटरफेस डिजाइन, (xi) फुटवियर डिजाइन।

तो, करिअर फंडा यह है कि ‘कोई भी आपको ये ज्ञान दे कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ और चार्टर्ड एकाउंटेंसी के अलावा सब बेकार है, तो उसे ये आर्टिकल पढ़ाइए!’

कर के दिखाएंगे !

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