Benefits of Bhastrika Pranayama: एक जगह बैठकर करें भस्त्रिका प्राणायाम, फेफड़े होंगे मजबूत, शरीर की ये समस्याएं भी होंगी दूर

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Benefits of Bhastrika Pranayama: आज हम आपके लिए लेकर आए हैं भस्त्रिका प्राणायाम के फायदे. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जो लोग शारीरिक रूप से ज्यादा सक्रिय होते हैं उन्हें बीमारियों का खतरा कम होता है. योग और प्राणायाम शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. भस्त्रिका प्राणायाम की मदद से संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर होता है. इसके नियमित अभ्यास से शारिरिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी स्वस्थ्य रह सकते हैं. 

भस्त्रिका प्राणायाम को 3 तरीकों से किया जाता है.

  1. शुरुआत में 5 सेकेंड सांस ले और उतनी ही देर में सांस छोड़ें.
  2. दूसरी बार में 5 सेकेंड की जगह केवल 2.5 सेकेंड का वक्त लीजिए.
  3. तीसरे दौर में लगातार सांस लें और छोड़ें, इस प्राणायाम को 5 मिनट करें

भस्त्रिका प्राणायाम करने की विधि (Method of doing Bhastrika Pranayama)

  • सबसे पहले शांत वातावरण में पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं.
  • अब अपनी गर्दन, सिर और शरीर को सीधा रखें.
  • अब आंखें बंद करें और कुछ देर के लिए अपने शरीर को शिथिल करें.
  • इस दौरान आपका मुंह बंद रहना चाहिए.
  • अब हाथों को ज्ञान मुद्रा में रखें.
  • धीरे-धीरे सांस खींचें फिर सांस को बलपूर्वक वापस छोड़ें.

भस्त्रिका प्राणायाम के जबरदस्त फायदे (Amazing Benefits of Bhastrika Pranayama)

1. याददाश्त बढ़ती है
भस्त्रिका प्राणायाम को नियमित तौर पर किया जाए तो याददाश्त शक्ति को बढ़ाया जा सकता है. इससे हमारी मेमोरी पावर कम नहीं होती है.  भस्त्रिका से सूंघने से शक्ति बढ़ती है. 

2. कम होती हैं पाचन संबंधी दिक्कतें
जिन लोगों को पेट संबंधी दिक्कतें होती हैं उन्हें भस्त्रिका प्राणायाम जरूर करना चाहिए. इससे अपच, गैस, एसिडिटी जैसी दिक्कतें दूर होती हैं. साथ ही, लोगों का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है.

3. फेफड़ों को बनाता है मजबूत
आयुर्वेद में तीन प्रकार के दोषों का जिक्र मिलता है जिनमें वात्, पित्त और कफ शामिल हैं. ये योगासन इन तीनों को संतुलित रखने में मददगार है. इस आसन को करने से फेफड़े तो मजबूत होते ही हैं, साथ ही सांस संबंधी दिक्कतें भी नहीं होती हैं.

4. कंजेशन और ब्लॉकेज की समस्या दूर होती है
इस प्राणायाम को करने से छाती से कंजेशन और ब्लॉकेज की समस्या दूर होती है. इसके अलावा  गला, नाक और साइनस भी पूरी तरह से क्लियर होता है. इसके नियमित अभ्यास से फेफड़ों में जो ज्यादा बलगम हो जाता है वो भी निकलता है.

5. टॉनिक्स बाहर निकलते हैं
भस्त्रिका प्राणायाम करने से पेट पूरी तरह से फूलता और अंदर जाता है. इससे अंदर की आर्गन की मसाज हो जाती है. इससे शरीर के सभी टॉक्सिन यूरिन के रास्ते से बाहर निकल जाते हैं. 

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यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.





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