Car Wheelbase Benefits: व्हील बेस क्या है, जानिए क्‍यों होता है ये इतना इंपॉर्टेंट

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हाइलाइट्स

कार में अधिक व्हीलबेस होने की वजह से अंदर सभी लोग आराम से बैठ जाते हैं.
इसे ज्यादा होने से रिवर्स और टी प्वाइंट पर मोड़ने में दिक्कत आती है.
कम व्हीलबेस वाली गाड़ी को बहुत ही आसानी से ड्राइवर इसे मोड़ लेते हैं.

कोई भी वाहन खरीदते समय लोग कीमत और फीचर्स के साथ ही लुक और डिजाइन के ऊपर एक नजर जरूर डालते हैं. जिन लोगों की पार्किंग की समस्या होती है और परिवार में कम लोग होते हैं वह लोग ज्यादा लंबी कार खरीदना पसंद नहीं करते हैं. वहीं दूसरी तरफ अधिक लंबी कार की कीमत भी सामान्य की तुलना में ज्यादा होती है.

आमतौर पर लोग इसकी लंबाई देखने के बाद खुद से अंदाजा लगा लेते हैं.  कार के अंदर लोग आरामदायक रूप से बैठ पाएंगे या नहीं यह जानने के लिए अब सामान्य तौर पर व्हीलबेस देख सकते हैं. बहुत कम लोग ऐसे हैं जो इसके फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं. कार में इसका बहुत महत्व होता है. 

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व्हील बेस क्या है?
व्हीलबेस से कार की लंबाई का आकलन कर सकते हैं. अगर आसान शब्दों में कहें तो अगले और पिछले पहिए के बीच की दूरी को व्हीलबेस कहा जाता है. आमतौर पर यह 2 मीटर से 3.5 मीटर तक हो सकता है. वहीं अगर फॉर्मूला वन कार की बात करें तो इसकी व्हीलबेस काफी ज्यादा होती है. कम से कम इसकी दूरी 3.6 से 3.7 मीटर तक हो सकती है. दरअसल इन कारों को ट्रैक पर चलाते हैं और इसे भीड़भाड़ वाली सड़कों पर मुड़ना नहीं पड़ता है.

कार में इसका क्या महत्व है?
कार में व्हीलबेस कम हो तो बहुत ही ज्यादा होता है. भले ही लोग इस फीचर के ऊपर ध्यान नहीं देते हो लेकिन इसकी वजह से अंदर बैठे लोगों को बैठने में काफी आसानी होती है. अंदर आरामदायक जगह है या नहीं यह भी व्हीलबेस के ऊपर निर्भर करता है. इसे अधिक होने पर ब्रेकर के ऊपर जर्किंग का बहुत कम असर पड़ता है. इसके अलावा इसे ज्यादा होने से अधिक से अधिक लोग अंदर बैठ सकते हैं. पीछे की तरफ बूट स्पेस में बढ़ जाती है. सिर्फ इतना ही नहीं बीच में भी सामान रख सकते हैं.

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व्हीलबेस के क्या नुकसान हैं
ज्यादा लंबी कार यानी अधिक व्हीलबेस होने की वजह से इसकी टर्निंग रेडियस बढ़ जाती है. अगर आसान शब्दों में कहें तो इसे कम जगह पर मुड़ना काफी मुश्किल होता है. स्कॉर्पियो और मारुति की टर्निंग रेडियस में लगभग 1 मीटर का अंतर होता है. यानी मारुति की गाड़ियों को बहुत ही आसानी से मोड़ सकते हैं वहीं दूसरी तरफ स्कॉर्पियो को टर्न करने के लिए 33% ज्यादा जगह की जरूरत पड़ती है. गली मोहल्ले या फिर भीड़भाड़ वाली सड़कों पर लोगों को ज्यादा व्हीलबेस होने से परेशानी होती है.

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