Cervical Cancer Age: इन लोगों को ज्यादा रहता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा, ऐसे पहचानें

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Cervical Cancer Age: कैंसर अपने आप एक बहुत ही गंभीर और भयानक बीमारी है. इसका नाम सुनते ही लोगों की आंखे बड़ी हो जाती हैं. हालांकि, पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में कैंसर के मामले अधिक देखने के मिलते हैं. आपको बता दें, महिलाओं में सबसे अधिक होने वाला एक ब्रेस्ट कैंसर है और दूसरा सर्वाइकल कैंसर है. सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे गंभीर कैंसर में से एक है. भारत में महिलाएं सबसे ज्यादा इसी बीमारी से ग्रसित रहती हैं. ये कैंसर महिलाओं के सर्विक्स में होता है. 

दरअसल, महिलाओं के गर्भाशय और योनि को जोड़ने वाले हिस्से को सर्विक्स कहा जाता है. इसी सर्विक्स में होने वाले कैंसर को सर्वाइकल कैंसर कहते हैं. ये कैंसर 35 से 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं को होता है. साथ ही इसमें महिलाओं के पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं. कई बार ये समस्या इतनी बढ़ जाती है, कि उन्हें ज्यादा ब्लीडिंग होने लगती है. लेकिन अधिकतर महिलाएं इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. 

आपको बता दें, सर्वाइकल कैंसर काफी खतरनाक होता है, क्योंकि सर्विक्स से शुरू होने वाला यह कैंसर लिवर, ब्लैडर, योनि, फेफड़ों और किडनी तक फैलने लगता है. ऐसे में इसके लक्षणों की सही से पहचान कर समय पर इलाज कराना जरूरी है. तो चलिए जानें इसके कुछ लक्षणों के बारे में….

क्या है वजह और पहचान?
महिलाओं के शरीर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) के फैलने की वजह से सर्वाइकल कैंसर होता है. इसके अलावा आनुवंशिकता भी इसका प्रमुख कारण है. वहीं, फैमिली हिस्ट्री के कारण भी महिलाओं में सर्विक्स कैंसर की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा सिगरेट पीने से भी ये समस्या बढ़ जाती है क्योंकि सिगरेट में निकोटिन मौजूद होता है, जो इस बीमारी को बढ़ावा देता है. पर्सनल हाइजीन की कमी या कुपोषण भी सर्वाइकल कैंसर की वजह बन सकती है. इतना ही नहीं सर्वाइकल कैंसर एक सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिजीज (एसटीडी) भी है. ऐसे में असुरक्षित यौन संबंध से भी यह बीमारी हो सकती है.

सर्वाइकल कैंसर से बचाव 
1.
इसके लिए महिलाएं नियमित रूप से पैप जांच कराएं.
2. तंबाकू या सिगरेट जैसे उत्पाद के सेवन से सर्विक्स कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचता है, जो सर्वाइकल कैंसर में बदल सकता है. ऐसे में आज ही धूम्रपान से दूरी बना लें.
3. सर्वाइकल कैंसर कई प्रकार के एचपीवी के कारण होता है. ऐसे में एचपीवी से सुरक्षा के लिए टीका जरूर लगवाएं.
4. असुरक्षित संबंध से बचें. क्योंकि सुरक्षित संबंध की वजह से आप इस गंभीर बीमारी से खुद को काफी हद तक बचा सकती हैं.

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