DNA on Twitter Deal: Elon Musk ने घाटे में जा रही कंपनी को क्यों खरीदा? जानें क्यों जागा मस्क का Twitter प्रेम

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DNA on Twitter Deal: इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के CEO Elon Musk अब माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Twitter के भी नए मालिक बन गए हैं. Musk ने Twitter को खरीदने के लिए 44 बिलियन डॉलर, यानी करीब तीन लाख 36 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं. Twitter ने रात 12 बजकर 24 मिनट पर एक प्रेस रिलीज जारी की और इस डील की जानकारी दी.

इतने में तय हुई डील

इस डील के मुताबिक मस्क को Twitter के हर शेयर के लिए 54.20 डॉलर यानी करीब 4,150 रुपये चुकाने होंगे. हालांकि मस्क के पास पहले ही Twitter की 9.2 % की हिस्सेदारी थी, लेकिन अब वो Twitter के अकेले मालिक बन चुके हैं. इस डील के बाद कंपनी में पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी मस्क की होगी. यानी आप कह सकते हैं कि टेस्ला की तरह Twitter अब एलन मस्क की प्राइवेट कंपनी बन जाएगी.

मस्क ने खरीदी घाटे में जा रही कंपनी

लेकिन ऐसे में ये जरूर जानना चाहिए कि दुनिया के सबसे अमीर आदमी को Twitter जैसी कंपनी में ऐसा क्या दिखा कि वो इसे खरीदने के पीछे पड़ गए. Twitter की बैलेंसशीट बेहद खराब रही है और इस कंपनी ने ज्यादातर वक्त घाटा ही उठाया है, लेकिन इसके बावजूद मस्क ने Twitter के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च कर दी और अब वो इसके नए मालिक बन गए.

2017 में ही ठान लिया था

इससे पहले हम आपको ये बताएंगे कि मस्क के दिमाग में Twitter खरीदने का विचार आखिर कब आया था? बात करीब साढ़े चार साल पुरानी है. 21 दिसंबर 2017 को रात के 11 बजकर 20 मिनट पर टेस्ला के फाउंडर एलन मस्क ने एक ट्वीट किया. उन्होने ट्वीट में लिखा ‘आई लव Twitter.’ मस्क के इस ट्वीट के जवाब में अमेरिकी पत्रकार डेव स्मिथ ने कॉमेंट किया और पूछा कि फिर आप इसे खरीद क्यों नहीं लेते? डेव स्मिथ के बयान पर मस्क ने भी जवाब दिया और उनसे पूछ लिया कि इसकी कीमत कितनी है? इसका मतलब है कि मस्क ने ट्विटर को खरीदने के लिए उसी वक्त से मन बना लिया था, सिर्फ सही वक्त का इंतजार कर रहे थे.

खरीदने में लगे 52 महीने

इस ट्वीट के 52 महीने बाद, 26 अप्रैल 2022 को एलन मस्क ने Twitter को खरीद लिया. इससे पहले एलन मस्क ने इसी महीने 4 अप्रैल को पहली बार Twitter में 9.2 प्रतिशत शेयर खरीदने की जानकारी दी थी. फिर उन्होंने 10 दिन बाद, 15 अप्रैल को Twitter को पूरी तरह खरीदने का ऑफर दिया. उस वक्त Twitter के शेयर होल्डर्स में से एक, सऊदी प्रिंस अल वलीद बिन तलाल ने एलन मस्क के ऑफर को ठुकरा दिया था, लेकिन करीब 10 दिन तक बैठकें करने के बाद Twitter का बोर्ड मस्क का ऑफर ठुकरा नहीं सका.

क्या है एलन मस्क की योजना?

एलन मस्क ने दो सप्ताह पहले कहा था कि Twitter में जबरदस्त क्षमता है, लेकिन इसे अनलॉक किए जाने जाने की जरूरत है और वो इस काम को कर के दिखाएंगे. अब यहां आपके लिए ये जानना भी जरूरी है कि आखिर मस्क के दिमाग में ऐसा कौन सा प्लान है, जिसके जरिए वो Twitter को एक घाटे वाली कंपनी से मुनाफा कमाने वाली कंपनी में बदल देंगे. हम आपको कुछ प्वाइंट में बताएंगे कि Twitter को लेकर एलन मस्क का ब्लू प्रिंट क्या है, वो Twitter की चिड़िया के साथ क्या करेंगे?

  • मस्क खुद को फ्रीडम ऑफ स्पीच का बड़ा पक्षधर बताते हैं. Twitter ने जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प को बैन कर दिया था, तब भी मस्क ने इसका विरोध किया था और कहा था कि वो इस प्लेटफॉर्म को सुधारना चाहते हैं. यही नहीं इसी साल 25 मार्च को भी मस्क ने Twitter पर एक चुनाव करवाया था. उन्होंने सवाल पूछा था कि क्या Twitter Free Speech यानी अभिव्यक्ति की आजादी का ठीक तरह से पालन कर रहा है? मस्क के इस सवाल पर 70% से ज्यादा लोगों का जवाब था नहीं, मस्क कहते हैं कि फ्री स्पीच सबके लिए बहुत आवश्यक है और लोगों को कानून का पालन करते हुए अपने नजरिए को सबके सामने रखना चाहिए.

  • एलन मस्क ने Twitter में एक और बड़े बदलाव के संकेत भी दिए थे. उन्होने Twitter पर ही एक पोल के जरिए लोगों से सवाल पूछा था कि क्या वो Twitter में एडिट बटन का ऑप्शन देखना चाहते हैं. इस समय Twitter पर जो कुछ भी एक बार लिख कर पोस्ट कर दिया जाता है उसे ऑनलाइन एडिट करने की या उसमें बदलाव करने की कोई व्यवस्था नहीं है, हालांकि ट्वीट को डिलीट किया जा सकता है. फेसबुक समेत कई दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऑनलाइन कंटेंट को एडिट करने का ऑप्शन देते हैं और इसीलिए Twitter पर भी एडिट बटन की मांग बहुत पहले से की जा रही है. उम्मीद है अब मस्क इसमें ये बड़ा बदलाव कर सकते हैं.

  • Elon Musk ट्विटर की कुछ सर्विसेज को पेड करने पर भी विचार कर रहे हैं. इसका संकेत उनके एक ट्वीट से भी मिलता है. एलन मस्क ने इसी 9 अप्रैल को एक ट्वीट किया. इसमें दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स वाले टॉप 10 Twitter हैंडल के नाम थे. इस लिस्ट को रिट्वीट करने के बाद मस्क ने लिखा कि इनमें ज्यादातर लोग कभी-कभार ही पोस्ट करते हैं और बहुत ही कम कंटेंट डालते हैं. इसके बाद उन्होने एक दूसरा ट्वीट किया और कहा कि Twitter ब्लू के लिए सब्सक्राइबर्स से कुछ भुगतान लिया जाना चाहिए. Twitter ब्लू सर्विस में यूजर्स को कुछ प्रीमियम सर्विसेस मिलती हैं. इसमें एक्सक्लूसिव कंटेंट तक पहुंच और ऐड फ्री सर्विस ऑफर की जाती है.

फ्री स्पीच के लिए खरीदा ट्विटर

लेकिन आपको ये भी जरूर जानना चाहिए कि Elon Musk ने Twitter को क्यों खरीद लिया. Elon Musk ने असल में Twitter को पैसे के लिए नहीं बल्कि प्रभाव के लिए खरीदा है. Elon Musk ने कहा है कि वो कारोबार करने के मकसद से Twitter को नहीं खरीदना चाहते. बल्कि वो इस सोशल मीडिया Platform को खरीद कर ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि दुनिया में Twitter का इस्तेमाल करने वाले लोगों को इसके माध्यम से Freedom of Speech यानी अभिव्यक्ति की आजादी मिलती रहे और वो इस Platform के माध्यम से अपने विचार और अपनी बात दुनिया तक पहुंचाते रहें.

Musk जानते हैं ट्विटर की पॉवर

सच ये है कि Elon Musk ने Twitter को घाटे में होने के बावजूद इसलिए खरीदा, क्योंकि वो इसकी सॉफ्ट पॉवर को जानते हैं. Elon Musk अच्छे से जानते हैं कि अगर Twitter का नियंत्रण उनके हाथों में आ गया तो वो दुनिया के बड़े-बड़े Influencers और Blue Tick वाले लोगों को आसानी से प्रभावित कर पाएंगे. ट्विटर की इस सॉफ्ट पॉवर को आप कुछ आंकड़ों से समझ सकते हैं.

इन आंकड़ों से समझें मस्क के लिए क्यों है ट्विटर जरूरी

वर्ष 2021 में Twitter के एक्टिव यूजर्स की संख्या बढ़ कर लगभग 40 करोड़ हो चुकी है, जिनमें से 20 करोड़ 60 लाख Users हर दिन Twitter Access करते हैं. Twitter के सबसे ज्यादा 7 करोड़ 30 लाख Users अमेरिका में हैं. इसके बाद इस सूची में जापान का नम्बर आता है, जहां Twitter के 5 करोड़ 55 लाख Users हैं और भारत में Twitter का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 2 करोड़ 21 लाख है. इसके अलावा Twitter पर Barack Obama से लेकर Justin Bieber और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से लेकर Elon Musk तक हैं. यानी दुनिया के तमाम बड़े Celebrities चाहे वो नेता हों, अभिनेता हों, खिलाड़ी हों या किसी और क्षेत्र के Influencers हों, वो सब Twitter पर हैं.

लोगों को मंच देता है Twitter

Twitter का प्रभाव उसके बिजनेस के साइज और यूजर्स की संख्या से काफी बड़ा है. क्योंकि ये Platform लोगों को एक ऐसा मंच देता है, जहा खबरें भी ब्रेक होती हैं और Narratives भी गढ़े जाते हैं और यही बात Twitter को एक शक्तिशाली टूल के रूप में स्थापित करती हैं. ट्विटर से किसी देश की सरकार के खिलाफ अभियान भी चलाए जा सकते हैं. Elon Musk ये भी जानते हैं कि वो Twitter की मदद से दुनिया के छोटे बड़े सभी देशों की सरकारों को Blackmail करने की क्षमता हासिल कर सकते हैं और इसका इस्तेमाल अपनी नीतियों और Business Model को लागू करने के लिए कर सकते हैं.

Elon Musk के Twitter खरीदने पर सबसे कड़ी प्रतिक्रिया विश्व के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति और ऐमेजॉन के CEO Jeff bezos की तरफ से सामने आई. उन्होंने Musk के चीन कनेक्शन का जिक्र करते हुए इस डील पर सवाल उठा दिए. Bezos ने एक ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा कि (Interesting question. Did the Chinese government just gain a bit of leverage over the town square?) इससे पहले Elon Musk ने ट्वीट करके लिखा था (free speech is the bedrock of a functioning democracy and twitter is the digital time square where matters vital to the future of humanity and debated). उनके इसी बयान के बाद Jeff bezos  ने ये प्रतिक्रिया दी. उन्होने एक बाद एक कई ट्वीट किए. अब आपके लिए ये जानना भी जरूरी है कि Jeff bezos ऐसा क्यों कह रहे हैं और क्या इस डील से चीन को कोई फायदा हो सकता है? इसके लिए आपको चीन में Elon Musk के बिजनेस मॉडल पर भी नजर डालनी पड़ेगी.

चीन से बढ़ेंगी नजदीकियां?

Musk की टेस्ला कंपनी जो इलेक्ट्रिक कारें बनाती है, उसका दूसरा सबसे बड़ा बाजार चीन में है. वर्ष 2021 में अमेरिका के बाद टेस्ला ने अपनी सबसे ज्यादा गाड़ियां चीन में बेचीं. चीन में टेस्ला के कई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी हैं और चीन की सरकार ने  Elon Musk को टेस्ला के प्लांट लगाने के लिए भरपूर मदद भी दी. उन्हें कई तरह की सब्सिडी, टैक्स में छूट और सस्ती दरों पर कर्ज भी दिए गए. यही नहीं टेस्ला की कारों में जो बैटरी यूज होती है, उसका सबसे बड़ा सप्लायर भी चीन ही है. यानी चीन और Musk के कारोबारी रिश्ते एक दूसरे के सहयोग पर ही टिके हैं. इस समय तो चीन ने ट्विटर पर बैन लगा रखा है, लेकिन अब सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अब Musk अपने कारोबारी पार्टनर चीन का ध्यान रखेंगे. क्या अब ट्विटर दुनियाभर में चीन की इमेज ब्रैंडिंग का काम तो नहीं करने लगेगा.

वैसे भी Elon Musk की फ्री स्पीच वाली दलील लोगों के गले इसलिए भी नहीं उतर रही है, क्योंकि जब चीन में Tesla का विरोध हो रहा था तो Elon Musk ने चीन की सरकार से आग्रह किया और चीन के तमाम सोशल मीडिया Platforms से Tesla के खिलाफ लिखी गई Post हटा दी गईं. यही नहीं उनकी कंपनी टेस्ला में भी जब एक कर्मचारी ने अपनी आवाज उठाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की गई. अब लोग डरे हैं, उनको लग रहा है कि Elon Musk Twitter का अपने निजी फायदों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. यही वजह है कि जैसे ही Twitter के बिकने की जानकारी सामने आई, ट्विटर पर Quit Twitter ट्रेंड करने लगा. कई बड़ी हस्तियों ने Twitter छोड़ने की घोषणा कर दी. Jameela Jamil, George Takei, Rob Reiner जैसे कई हॉलीवुड कलाकारों ने भी ट्विटर छोड़ने की बात कही. ameela Jamil ने दावा किया कि वो अब दोबारा ट्विटर पर कोई भी पोस्ट नहीं करेंगी.

पराग अग्रवाल का क्या होगा?

Twitter के बिकने के बाद कंपनी के CEO पराग अग्रवाल का क्या होगा. पराग अग्रवाल नवंबर 2021 में ट्विटर के CEO बने थे. उन्हें ट्विटर के संस्थापक जैक डॉर्सी के इस्तीफे के बाद कंपनी का CEO बनाया गया था. उन्हें ट्विटर का CEO बने हुए सिर्फ 5 महीने ही हुए हैं. हालांकि वो ट्विटर से पिछले 10 साल से जुड़े हैं और CEO बनने से पहले वे ट्विटर के चीफ टेक्निकल ऑफिसर थे. ट्विटर से पहले पराग माइक्रोसॉफ्ट और याहू के साथ काम कर चुके हैं. लेकिन अब वो CEO रहेंगे या नहीं, इस पर सवाल उठने लगे हैं. Elon Musk के Twitter खरीदने के बाद पराग ने एक ट्वीट किया और अपनी टीम के काम की तारीफ की. उन्होंने कहा कि (ट्विटर पूरी दुनिया में प्रासंगिक और प्रभावी है. मुझे अपनी टीम पर गर्व है) उनके इस ट्वीट के बाद ही उनके कंपनी छोड़ने की अटकलें लगाई जाने लगीं.

पराग अग्रवाल को हटाना कंपनी के लिए घाटा

लेकिन अगर पराग को ट्विटर से हटाया जाता है, तो ये Elon Musk को भी काफी महंगा पड़ेगा. एक रिसर्च फर्म का दावा है कि अगर पराग को ट्विटर से 12 महीने पहले हटाया जाता है, तो Musk को उन्हें 42 मिलियन डॉलर यानी, करीब 321 करोड़ रुपये देने पड़ेंगे. यानी पराग अग्रवाल को नौकरी से निकाले जाने पर भी इतना पैसा मिलेगा. लेकिन ट्विटर के दूसरे कर्मचारियों की किस्मत इतनी अच्छी नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्विटर के कर्मचारियों को एमरजेंसी मीटिंग में बताया गया कि अब उनकी नौकरी सिर्फ 6 महीने तक ही सुरक्षित है. क्योंकि 6 महीने बाद Elon Musk ट्विटर का पूरी तरह टेकओवर कर लेंगे. यानी ट्विटर के कर्मचारियों को अपना भविष्य अंधेरे में दिख रहा है और वो इस बात से बेहद डरे हुए हैं. एक रिपोर्ट में ये दावा भी किया गया है कि Twitter के डेवलपर्स को साइट में किसी भी तरह के बदलाव करने से रोक दिया गया है, क्योंकि डर था कि कहीं गुस्से में वो Twitter को नुकसान न पहुंचा दें.

Elon Musk के Twitter खरीदने के बाद उसके पुराने CEO और संस्थापक Jack Dorsey के वापस लौटने की अटकलें भी लगाई जाने लगी हैं. यहां ये जानना जरूरी है कि Twitter का जन्म कैसे हुआ था? जिस Twitter को Elon Musk ने 3 लाख 36 हजार करोड़ रुपये में खरीदा है, उसे Jack Dorsey ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर बनाया था. उन्होने 21 मार्च 2006 से करीब 16 साल पहले को सैन फ्रांसिस्को में ट्विटर की स्थापना की थी. अगले साल March 2007 में Twitter को ‘Best Startup’ का अवार्ड दिया गया. कहा जाता है कि Twitter बनाने का आइडिया Jack Dorsey को नशे की हालत में आया था. उस वक्त वो एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे और एक दिन अपने दोस्तों के साथ एक बार में बैठे थे. उस दिन बातचीत के दौरान तीनों दोस्तों ने एक ऐसी माइक्रो ब्लॉगिंग साइट बनाने की योजना बनाई, जिसके जरिए लोग एक दूसरे के साथ जुड़ सकें और अपने विचार साझा कर सकें. बाद में उनकी ये योजना Twitter के रूप में सामने आई.





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