DNA With Sudhir Chaudhary: आखिर Twitter खरीदने के पीछे क्या है Elon Musk का इरादा?

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DNA With Sudhir Chaudhary: अब हम आपको बताएंगे कि दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति Elon Musk Twitter को सवा तीन लाख करोड़ रुपये में क्यों खरीदना चाहते हैं. अपने 11 साल के इतिहास में Twitter ने 11 में से 9 साल मुनाफे की बजाय घाटा किया है. उसकी Balance Sheet काफी कमजोर है लेकिन इसके बावजूद Elon Musk इसे खरीदना चाहते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि Elon Musk असल में Twitter को पैसे के लिए नहीं बल्कि प्रभाव के लिए खरीदना चाहते हैं. वो अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा के नाम पर ट्विटर की चिड़िया को अपने पिंजरे में कैद करना चाहते हैं.

कौन-कौन है Twitter का हिस्सेदार

इस समय Twitter में Elon Musk के पास 9.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. इसके अलावा अमेरिकी की मशहूर Investment Management Company, Vanguard Group (वैनगार्ड ग्रुप) के पास 10.3 प्रतिशत,  अमेरिका की ही एक और Investment Banking Company.. Morgan Stanley (मॉर्गन स्टैनली) के पास 8.4 प्रतिशत और सऊदी अरब के प्रिंस अल-वलीद-बिन-तलाल के पास Twitter में 5.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. इसके अलावा Twitter में दूसरी कई कंपनियों की हिस्सेदारी है. 

इकलौते मालिक बनना चाहते हैं Elon

Elon Musk चाहते हैं कि ये सभी कंपनियां और उद्योगपति Twitter में अपनी हिस्सेदारी उन्हें बेच दें और वो Twitter के इकलौते मालिक बन जाएं. Elon Musk ने Twitter को खरीदने के लिए 3 लाख 22 हजर करोड़ रुपये का ऑफर दिया है. ये पैसा इतना ज्यादा है कि इससे श्रीलंका जैसे देश का आधे से ज्यादा कर्ज चुकाया जा सकता है. 

सालों से घाटे में है Twitter

हालांकि Elon Musk के इस ऑफर को लेकर दुनियाभर की बड़ी-बड़ी कंपनियां और उद्योगपति काफी हैरानी जता रहे हैं. क्योंकि Twitter एक ऐसी कंपनी है, जो पिछले कई वर्षों से लगातार घाटे में है. वर्ष 2021 में Twitter को 1690 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. जबकि 2020 में यही कंपनी 10 हजर 600 करोड़ रुपये के घाटे में रही थी. अगर पिछले 11 वर्षों की बात करें तो इनमें से 9 साल इस कंपनी को भारी घाटा उठाना पड़ा है.

क्या बोले Elon Musk

इसलिए आपके मन में भी ये सवाल जरूर होगा कि जो कंपनी शुरुआत से ही घाटे में है, उसे Elon Musk सवा तीन लाख करोड़ रुपये में क्यों खरीदना चाहते हैं? आखिर Twitter में ऐसा क्या है कि Elon Musk को ये घाटा नजर नहीं आ रहा? Elon Musk ने कहा है कि वो कारोबार करने के मकसद से Twitter को नहीं खरीदना चाहते. बल्कि वो इस सोशल मीडिया Platform को खरीद कर ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि दुनिया में Twitter का इस्तेमाल करने वाले लोगों को इसके माध्यम से Freedom of Speech यानी अभिव्यक्ति की आजदी मिलती रहे. वो इस Platform के माध्यम से अपने विचार और अपनी बात दुनिया तक पहुंचाते रहें .

क्या है इसके पीछे का सच

Elon Musk भले Free Speech की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं. लेकिन सच यही है कि वो Twitter की चिड़िया को Free Speech के नाम पर अपने पिंजरे में कैद करना चाहते हैं. वो Twitter को घाटे में होने के बावजूद इसलिए खरीदना चाहते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि आज के इंटरनेट युग में जो काम एक ट्वीट कर सकता है, वो काम एक बम भी नहीं कर सकता. यानी Elon Musk ट्विटर की क्षमता को समझते हैं और वो जानते हैं कि अगर Twitter का नियंत्रण उनके हाथों में आ गया तो वो दुनिया के बड़े-बड़े Influencers और Blue Tick वाले लोगों को आसानी से प्रभावित कर पाएंगे. संक्षेप में कहें तो वो Twitter की Soft Power का इस्तेमाल करना चाहते हैं. 

इस Soft Power को आप इन आंकड़ों से समझ सकते हैं…

वर्ष 2010 में दुनियाभर में Twitter के कुल Users की संख्या पांच करोड़ 40 लाख थी. लेकिन वर्ष 2021 में ये संख्या बढ़ कर लगभग 40 करोड़ हो चुकी है, जिनमें से 20 करोड़ 60 लाख Users हर दिन Twitter Access करते हैं. 

इस समय दुनिया में जितने लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, उनमें से 8.85 प्रतिशत यूजर्स Twitter Access करते हैं. इसके अलावा Internet के 7.2 प्रतिशत Users महीने में एक बार Twitter का इस्तेमाल जरूर करते हैं.

Twitter के सबसे ज्यादा 7 करोड़ 30 लाख Users अमेरिका में हैं. इसके बाद इस सूची में जापान का नम्बर आता है, जहां Twitter के 5 करोड़ 55 लाख Users हैं. भारत में Twitter का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 2 करोड़ 21 लाख है.

इसके अलावा Twitter पर सबसे ज्यादा 38.5 प्रतिशत Users ऐसे हैं, जिनकी उम्र 25 से 34 साल के बीच है. जबकि 18 से 24 साल के 17.1 प्रतिशत लोग Twitter इस्तेमाल करते हैं.

लोग Twitter क्यों इस्तेमाल करते हैं, इसे आप अमेरिका के उदाहरण से समझ सकते हैं. अमेरिका में 48 प्रतिशत लोग खबरें जानने के लिए Twitter पर जाते हैं. जबकि इतने ही लोग Entertainment के लिए इस Platform का इस्तेमाल करते हैं. जबकि 34 प्रतिशत लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ संपर्क में रहने के लिए Twitter का इस्तेमाल करते हैं.

बड़े-बड़े लोग भी हैं Twitter User

इसके अलावा Twitter पर Barack Obama से लेकर Justin Bieber और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से लेकर Elon Musk तक हैं. यानी दुनिया के तमाम बड़े Celebrities चाहे वो नेता हों, अभिनेता हों, खिलाड़ी हों या किसी और क्षेत्र से हों, वो सब Twitter पर हैं. यानी Twitter का प्रभाव उसके बिजनेस के साइज और Users की संख्या से काफी बड़ा है. क्योंकि ये Platform लोगों को एक ऐसा मंच देता है, जहा खबरें भी ब्रेक होती हैं और Narratives भी गढ़े जाते हैं. यही बात Twitter को एक शक्तिशाली टूल के रूप में स्थापित करती हैं.

डेटा की बड़ी ताकत है सोशल मीडिया के पास

आज आप क्या सोचते हैं, आपकी पसंद-नापसंद क्या है, आपके राजनीति विचार क्या हैं, आप अपने देश और अपनी सरकार को लेकर क्या सोचते हैं, अलग अलग मुद्दों को लेकर आपकी क्या धारणा है, इसका सारा Data आज इन सोशल मीडिया कंपनियों के पास है. किसी भी कंपनी के पास आपका ये सारा Data होने का मतलब है कि वो आपके तमाम फैसलों को आसानी से प्रभावित कर सकती है. यानी आज अगर Twitter को Elon Musk ने खरीद लिया तो उनके पास दुनिया के करोड़ों लोगों का Data आ जाएगा और वो छोटे बड़े देशों की सरकारों और वहां के समाज पर अपनी नीतियों के हिसाब से असर डाल पाएंगे.

इस उदाहरण से समझिए मामला 

उदाहरण के लिए Arab Spring के दौरान मिडिल ईस्ट के देशों ने अपनी सरकारों के खिलाफ Facebook पर एक Campaign चलाया था और अपने देशों में लोकतंत्र की बहाली की मांग की थी. और तब Facebook के माध्यम से ये आंदोलन दुनिया तक पहुंचा और अमेरिका जैसे देशों के दखल के बाद मिडिल ईस्ट के कई देशों में सरकारें बदल गईं. कहने का मतलब ये है कि इस तरह के सोशल मीडिया Platforms किसी देश की सरकार भी बदल सकते हैं और Elon Musk Twitter की इसी Soft Power का फायदा उठाना चाहते हैं.

क्या कर सकते हैं Elon Musk

इसे आप एक और उदाहरण से समझिए. मान लीजिए भविष्य में कोविड जैसी कोई महामारी आती है और भारत जैसा देश अपने लोगों की जान बचाने के लिए वहां लॉकडाउन लगा देता है. लेकिन Elon Musk को लगता है कि इस लॉकडाउन की वजह से उनकी फैक्ट्रियां बंद हो जाएंगी और उनका कारोबार ठप पड़ जाएगा. इसलिए वो ऐसी स्थिति में Twitter का इस्तेमाल किसे बचाने के लिए करेंगे, लोगों की जान बचाने के लिए करेंगे या अपना व्यापार बचाने के लिए करेंगे. संभव है कि वो अपना व्यापार बचाने के लिए ही Twitter की मदद से भारत की सरकार पर दबाव बनाएंगे और लॉकडाउन के खिलाफ Campaign चलाएंगे. जैसा कि उन्होंने कोविड के दौरान भी किया था.

सरकारों को Blackmail कर सकते हैं 

Elon Musk ये भी जानते हैं कि वो Twitter की मदद से दुनिया के छोटे-बड़े सभी देशों की सरकारों को Blackmail करने की क्षमता हासिल कर सकते हैं. और इसका इस्तेमाल अपनी नीतियों और Business Model को लागू करने के लिए कर सकते हैं.

पहले भी कर चुके हैं ऐसे काम

हालांकि Elon Musk ये सब Free Speech के नाम पर करना चाहते हैं. जबकि उनका और उनकी कंपनी का इतिहास बोलने की आजदी के अधिकार को लेकर ज्यादा अच्छा नहीं हैं. हाल ही में Tesla के एक कर्मचारी ने जब सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की थी तो कंपनी ने इस कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया था. इसके अलावा चीन में जब Tesla का विरोध हो रहा था तो Elon Musk ने चीन की सरकार से ये आग्रह किया था कि वो अपने सोशल मीडिया Platforms से Tesla के खिलाफ लिखी गई तमाम Post हटा दें.

Twitter की Soft Power का अंदाज आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस कंपनी को खरीदने के लिए सिर्फ Elon Musk कतार में नहीं खड़े हैं. बल्कि Apple, Disney और Salesforce ने कुछ साल पहले ही Twitter को खरीदने की इच्छा जताई थी. यानी दुनिया की सभी बड़ी टेक कंपनियों की नजर इस Platform पर रही है. हालांकि Twitter के Board Members ने Elon Musk के इस Offer को ठुकरा दिया है. और कहा है कि वो Twitter में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे.





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