Downward Facing Dog Pose: रोज करें यह 1 आसन, शरीर को मिलेंगे गजब के फायदे, जानें करने की आसान विधि

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Benefits of Downward Facing Dog Pose: नियमित रूप से योग करने से एक मजबूत एवं लचीला शरीर, सुंदर चमकती त्वचा, शांतिपूर्ण मन और अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं अधोमुख श्वानासन के फायदे. जी हां इसके नियमित अभ्यास से आप कई शारीरिक समस्याओं से दूर रह सकते हैं. अधोमुख श्वानासन सूर्य नमस्कार का एक आवश्यक हिस्सा है और यह पूरे शरीर को मजबूत बनाने के साथ ही मांसपेशियों को लचीला बनाने में मदद करता है. 

योग एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अधोमुख श्वानासन कंधों में अकड़न से छुटकारा दिलाने और रीढ़ की हड्डी (spine) को बढ़ाने और पैरों को सीधा रखने में मदद करता है.

क्या है अधोमुख श्वानासन  (What is Adho Mukha Svanasana)
अधोमुख श्वानासन मुख्य रूप से 3 शब्दों से मिलकर बना है. पहला शब्द है ‘अधोमुख’ जिसका अर्थ होता है नीचे की तरफ मुंह करना, जबकि दूसरा शब्द है ‘श्वान’ जिसका अर्थ कुत्ता होता है. तीसरा शब्द है ‘आसन’ जिसका अर्थ है बैठना. अधोमुख श्वानासन को डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज (Downward Facing Dog Pose) भी कहा जाता है. आइये जानते हैं अधोमुख श्वानासन के फायदे, विधि और सावधानियों के बारे में. 

अधोमुख श्वानासन करने का तरीका इस प्रकार है (How to do Adho Mukha Svanasana)

  1. सबसे पहले जमीन पर एकदम सीधे खड़े हो जाएं.
  2. दोनों हाथों को आगे करते हुए नीचे जमीन की ओर झुक जाएं.
  3. झुकते समय आपके घुटने सीधे होने चाहिए. 
  4. आपके दोनों हाथ कंधे के बराबर नहीं बल्कि इससे थोड़ा सा पहले झुका होना चाहिए.
  5. अब अपने हाथों की हथेलियों को झुकी हुई अवस्था में आगे की ओर फैलाएं और उंगलियां सीधी रखें.
  6. सांस छोड़ें और घुटनों को अधोमुख श्वानासन मुद्रा के लिए हल्का सा धनुष के आकार में मोड़ें.
  7. इसके बाद हाथों को पूरी तरह जमीन पर कंधों के नीचे से आगे की ओर फैलाए रखें.
  8. अब अपने घुटनों को जमीन पर थोड़ा और झुकाएं और कूल्हों को जितना संभव हो ऊपर उठाएं.
  9. ध्यान रखें कि सिर हल्का सा जमीन की ओर झुका होना चाहिए और पीठ के बराबर होना चाहिए.
  10. यह अवस्था अधोमुख श्वानासन की है.

अधोमुख श्वानासन से मिलने वाले फायदे

  • अधोमुख श्वानासन करने से दिमाग शांत रहता है और हर तरह की चिंता से मुक्ति मिलती है.
  • इस आसन के अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बढ़ाने में मदद मिलती है.
  • इस आसन के नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है. 
  • इस आसन से प्रभावित होने वाले अंगों में लीवर, किडनी और स्पलीन या तिल्ली शामिल हैं. 
  • हाथ-पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और वह शरीर का सही संतुलन बनाने में मदद करती हैं. 

अधोमुख श्वानासन करते वक्त रखें ये सावधानियां

  1. आपकी कलाई में किसी तरह की समस्या है तो इसे न करें.
  2. यदि पीठ, कमर, कंधों और भुजाओं में चोट लगी हो तो इस आसन को करने से बचें.
  3. गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था बढ़ने पर इस आसन को करने से बचना चाहिए.
  4. कार्पल टनल सिंड्रोम (carpal tunnel syndrome) से पीड़ित लोग इसे न करें.
  5. आंखों में संक्रमण, कान के अंदर संक्रमण हो तो इस योग मुद्रा का अभ्यास न करें.

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यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.





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