Milk Price: क्या फिर से बढ़ने वाली हैं दूध की कीमतें, आ गया बड़ा अपडेट

0
25


Milk Price in Delhi: दूध एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल हर घर में हर रोज होता है. वहीं दूध की कीमतें बढ़ जाने से लोगों के घरों के बजट पर भी काफी असर पड़ता है. हाल ही में कुछ कंपनियों ने अपने दूध के दाम में इजाफा किया था. जिसके कारण दूध की कीमतें बढ़ गई थी. इस बीच एक बार फिर से दूध की कीमतें बढ़ने की चर्चाएं है. जिसको लेकर गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) के प्रबंध निदेशक (MD) ने कहा है कि अमूल दूध (Amul Milk) की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.

नहीं बढ़ेंगे दाम

Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation (GCMMF) अमूल ब्रांड के तहत दूध की मार्केटिंग करने वाली सहकारी संस्थान है. वहीं GCMMF के एमडी आरएस सोढ़ी का कहना है कि निकट भविष्य में अमूल दूध की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है. मुख्य रूप से GCMMF के जरिए गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल और मुंबई में दूध बेचा जाता है.

मदर डेयरी ने बढ़ाए थे दाम

बता दें कि इस संस्थान के जरिए हर रोज 150 लाख लीटर से ज्यादा दूध बेचा जाता है. इसमें से सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में ही करीब 40 लाख लीटर दूध बेचा जाता है. वहीं कुछ दिन पहले ही मदर डेयरी ने लागत बढ़ने का हवाला दिया था और दिल्ली-एनसीआर में फुल-क्रीम दूध के दाम एक रुपये प्रति लीटर और टोकन दूध के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए थे.

अक्टूबर में बढ़ाए थे दाम

मदर डेयरी के जरिए दूध की कीमतों के दाम बढ़ाए जाने के बाद क्या GCMMF भी दूध के दाम बढ़ाएगी? इस सवाल के जवाब में सोढ़ी ने कहा कि निकट भविष्य में दूध के दाम बढ़ाए जाने का कोई प्लान नहीं है. सोढ़ी की ओर से कहा गया कि अक्टूबर में पिछली बार खुदरा मूल्य वृद्धि के बाद से लागत में ज्यादा वृद्धि नहीं हुई है. बता दें कि अक्टूबर के महीने में अमूल गोल्ड (फुल-क्रीम) और भैंस के दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था.

दाम में किया था इजाफा

अमूल की ओर से गुजरात को छोड़कर सभी जगह ये इजाफा किया गया था. इसके बाद अमूल गोल्ड की कीमत 63 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध की कीमत 65 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. वहीं इस साल GCMMF की ओर से तीन बार दूध के दाम बढ़ाए गए हैं जबकि मदर डेयरी ने चार बार दाम बढ़ाए हैं. (इनपुट: भाषा)

पाठकों की पहली पसंद Zeenews.com/Hindi, अब किसी और की जरूरत नहीं





Source link