Railway Stocks: रेलवे से जुड़े शेयरों में निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी, एक्सपर्ट ने बताया इस रैली का कारण

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Railway Share Price: शेयर बाजार में हजारों की संख्या में कंपनियां लिस्टेड हैं. इस बीच एक सेक्टर में पिछले कुछ वक्त से तेजी देखने को मिल रही है. ये सेक्टर है रेलवे का. पिछले काफी वक्त से रेलवे से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिली है. हालांकि इस तेजी का क्या कारण है और क्या आने वाले वक्त में भी ये तेजी जारी रहेगी, इसको लेकर मार्केट एक्सपर्ट ममता तातेड़ सेठिया ने विस्तार से बताया है.

डबल डिजिट रिटर्न

BMW India Financial Services में क्रेडिट मैनेजर CA ममता तातेड़ सेठिया का कहना है कि सरकार के स्वामित्व वाली रेलवे कंपनियों के शेयरों ने पिछले कुछ महीनों में डबल डिजिट रिटर्न दिया है. रेल विकास निगम (RVNL) ने पिछले छह महीनों में शानदार उछाल दिखाया है और शेयर ने 100 फीसदी का रिटर्न दिया है.

इन शेयर में तेजी

ममता ने शेयरों के आंकड़ों को लेकर बताया कि इरकॉन इंटरनेशनल (Ircon International) ने 62% की तेजी दिखाई है. वहीं Indian Railway Finance Corp और IRFC पिछले छह महीनों में 49% ऊपर है. एक निजी कंपनी टीटागढ़ वैगन्स (Titagarh Wagons) का स्टॉक पिछले साल के मुकाबले दोगुना हो गया है.

आकर्षक डिविडेंड यील्ड

ममता का कहना है कि रेलवे के ज्यादातर पीएसयू शेयर लंबे समय से अपेक्षाकृत सस्ते वैल्यूएशन, क्लीन बैलेंस शीट और आकर्षक डिविडेंड यील्ड पर ट्रेड कर रहे हैं. आईआरएफसी और इरकॉन इंटरनेशनल न सिर्फ सिंगल-डिजिट PE मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं, बल्कि 4-5 फीसदी के आकर्षक डिविडेंड यील्ड पर भी उपलब्ध हैं तो ऐसे में निवेशकों की अचानक दिलचस्पी आने के पीछे का कारण भी काफी अहम है.

रेलवे को फायदा

ममता ने बताया कि देर से निवेशकों को अब सरकार के बड़े पैमाने पर कैपेक्स खर्च (Capex Spending) के निहितार्थ का एहसास हो गया है, जिसमें रेलवे सबसे बड़ा लाभार्थी होगा. सरकार अपना कैपेक्स बढ़ा रही है और रेलवे का खर्च में सबसे ज्यादा हिस्सा 19% है. रेलवे के शेयरों में ग्रोथ देखने को मिल सकती है. पूंजीगत खर्च में उछाल से रेलवे को फायदा होगा. साल 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए भी यह चक्र 3-4 साल तक चल सकता है.

बजट 2023

वहीं बजट 2023 की चर्चा भी शुरू हो चुकी है. ममता ने बताया कि शेयर बाजार भी नई रेल परियोजनाओं की घोषणा और कुछ सूचीबद्ध रेल फर्मों में सरकारी हिस्सेदारी के विनिवेश के बारे में अनुमान लगा रहा है. सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण पर भी काम कर रही है. सरकार ने भारत भर में विभिन्न मेट्रो परियोजनाओं के लिए 19,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया है.

नई ट्रेनें

ममता का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी 400 नई “वंदे भारत” ट्रेनों की घोषणा की थी. मौजूदा समय में रेलवे का कैपेक्स करीब 2 लाख करोड़ रुपये है, जो 2014 के मुकाबले करीब पांच गुना ज्यादा है. इस साल अब तक ऐसी कई ट्रेनों की घोषणा की जा चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कारोबारी साल 2023-24 तक इनमें से करीब 100 ट्रेनों का निर्माण भी पूरा हो जाएगा.

इसका रखें ध्यान

शेयर मार्केट एक्सपर्ट ममता ने बताया कि हर साल बजट घोषणा से पहले रेलवे शेयरों में आम तौर पर रैली देखने को मिलती है. इसलिए इस रैली की सवारी उचित जोखिम प्रबंधन के बिना नहीं की जानी चाहिए क्योंकि प्रॉफिट बुकिंग शुरू होने के बाद रैली कभी भी आसानी से फीकी पड़ सकती है.

(डिस्कलेमर : किसी भी तरह का निवेश करने से पहले एक्सपर्ट से जानकारी कर लें. जी न्यूज किसी भी तरह के निवेश के लिए आपको सलाह नहीं देता.)

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